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BMHRC : अस्पताल बेहाल, कमान केंद्र को सौंपने की मांग

अभी छोटे से छोटे निर्णय भी आईसीएमआर के साथ डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुमति पर लिए जाते हैं।

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Bhopal Online

Aug 25, 2015

BMHRC Bhopal

BMHRC

भोपाल। डॉक्टर्स की कमी से जूझ रहे भोपाल मेमोरियल अस्पताल एंड हॉस्पिटल सेंटर (बीएमएचआरसी) की व्यवस्थाओं को लेकर गैस संगठनों ने सवाल खड़े किए हैं।
संगठनों का आरोप है कि जब से अस्पताल की बागडोर इडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को सौंपी गई हैं, तब से व्यवस्थाएं सुधरने की बजाय और बिगड़ गई हैं। इसलिए अस्पताल की कमान अब सीधे केंद्र सरकार के हाथ में सौंपी जानी चाहिए। इसके लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है।

संगठनों के तर्क
- आईसीएमआर के हाथ में प्रबंधन आने से अस्पताल को कोई लाभ नहीं हुआ।
- करीब एक दर्जन चिकित्सकों ने अस्पताल को अलविदा कह दिया।
- अस्पताल को यदि केंद्र सरकार को सौंपा जाता है तो इसके लिए होने वाले निर्णयों का होगा।
- अभी छोटे से छोटे निर्णय भी आईसीएमआर के साथ डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुमति पर लिए जाते हैं।

केंद्र को कमान मिली तो ये होगा
- बीएमएचआरसी भी राममनोहर लोहिया व अन्य केंद्रीय अस्पतालों की तरह हो जाएगा।
- केंद्र के देशभर में 32 अस्पताल हैं, डॉक्टरों की कमी पर दूसरे अस्पतालों से ट्रांसफर हो सकेगा।
- खरीदी प्रस्ताव अस्पताल से सीधे केंद्रीय मंत्रालय जाएंगे, जिससे निर्णय जल्द होंगे।
- सुविधाएं और उपचार दोनों का विस्तार होगा।

ऐसे हुई थी बीएमएचआरसी की शुरुआत
बीएमएचआरसी की शुरुआत 1999 में भोपाल मेमोरियल ट्रस्ट के अधीन हुई थी। 10 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे केंद्र के परमाणु ऊजाज़् विभाग व बायोटेक्नोलॉजी विभाग को सौंप दिया। 2012 में इसका संचालन आईसीएमआर के हाथ में आ गया।

अस्पताल को लाभ होगा
हम चाहते हैं कि अस्पताल का संचालन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय करे। हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इससे अस्पताल को लाभ होगा।
- रचना ढींगरा, भोपाल ग्रुप फॉर इन्फरमेशन एंड एक्शन

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