
बुक्स एंड बुक्स पर छापा : दस्तावेजों की स्क्रूटनी शुरू, बढ़ेगा कर चोरी का आंकड़ा
भोपाल. किताब-कॉपी सहित स्टेशनरी की बिक्री के प्रमुख प्रतिष्ठान बुक्स एंड बुक्स पर एक दिन पहले सीजीएसटी विभाग द्वारा मारे गए छापे के साथ जब्त दस्तावेजों की स्क्रूटनी शुरू हो गई है। अधिकारियों का अनुमान है कि जिस तरह से बिना बिल के माल बिक्री के दस्तावेज मिल रहे हैं, उससे टैक्स चोरी का आंकड़ा और बढ़ेगा। प्रतिष्ठान संचालकों ने सोमवार को छापे के दौरान ही 12 लाख रुपए टैक्स जमा करा दिया था। जांच के दौरान 75 लाख रुपए से अधिक के बिलों में गड़बड़ी मिली थी।
दरअसल बुक्स एंड बुक्स सहित इस संस्थान से जुड़े प्रतिष्ठानों पर सोमवार को सीजीएसटी विभाग ने छापा मारा था। इनमें एमपी नगर जोन-2, सुल्तानिया रोड, इंद्रपुरी एवं 10 नंबर की दुकानें शामिल हंै। विभाग के जानकारों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बुक्स एंड बुक्स के संचालक ज्यादातर सामान बिना बिल के ही मंगाते हैं। ग्राहकों को भी बिल नहीं दिया जाता है।
विभाग को इसकी शिकायत मिलने के बाद ही चारों ठिकानों पर एक साथ छापा मारा गया था। विभाग के सूत्रों का कहना है कि जो दस्तावेज जब्त किए हैं, उनमें पक्के बिलों की संख्या बहुत कम हैं। यहां कच्ची पर्चियों पर ही कारोबार हो रहा था, इसलिए टैक्स की राशि और बढ़ेगी। हालांकि स्कूली किताबों पर टैक्स नहीं है, लेकिन कॉपियों एवं अभ्यास बुक्स पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है।
एक साल की जांच
जीएसटी लागू होने के बाद 1 जुलाई 2017 से 1 जुलाई 2018 के बीच के की जांच हो रही है। अधिकारी देख रहे हैं कि एक साल में व्यवसायी ने किताब, कॉपियों एवं स्टेशनरी आयटमों का कितना कारोबार किया और कितना टैक्स जमा किया।
बड़े स्कूलों का काम
बुक्स एंड बुक्स के सभी काउंटरों पर रिटेल में किताब, कॉपियों का विक्रय होता है। कई स्कूलों से भी साठगांठ कर रखी है। इसका पता उस समय चलता है, जब अभिभावकों से स्कूलों में कहा जाता है कि ये किताबें बुक्स एंड बुक्स पर ही मिलेंगी।
किताब वापसी पर कटौती
माता मंदिर निवासी विवेक कुमार झा ने बताया कि उन्होंने बुक्स एंड बुक्स से एक किताब खरीदी थी। वे किताब वापस करने गए तो पहले तो किताब वापस नहीं ली। काफी रिक्वेस्ट के बाद कुल कीमत की 20 प्रतिशत राशि कम करके किताब वापस ली। यह तो एक उदाहरण है। ऐसे कई लोग बुक्स एंड बुक्स पर पहुंचते हैं जिन्हें इस तरह परेशान होना पड़ता है।
Published on:
04 Jul 2018 11:01 am
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