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बोरिंग का पानी सूखा, नल जल योजना फेल, 50 हजार क्यूबिक मीटर क्षमता का तालाब करेगा सूखा दूर

-- जनसहयोग से एकत्र किए 4.50 लाख रुपए से बना तालाब, किसी ने दी जेसीबी तो किसी ने ट्रैक्टर, गर्मी के दिनों में टैंकर मंगाकर करते थे गुजारा, दूर होगी समस्या -- बरसात का पानी स्टोर कर ग्राउंडवॉटर भी होगा रीचार्ज, आस-पास के क्षेत्रों के लोगों की पानी समस्या दूर होगी, 50 साल से परेशान रहते थे लोग

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बोरिंग का पानी सूखा, नल जल योजना फेल, 50 हजार क्यूबिक मीटर क्षमता का तालाब करेगा सूखा दूर

बोरिंग का पानी सूखा, नल जल योजना फेल, 50 हजार क्यूबिक मीटर क्षमता का तालाब करेगा सूखा दूर

भोपाल. गुनगा में पिछले 40-50 वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या अब 50 हजार क्यूबिक मीटर क्षमता पानी स्टोर करने वाले तालाब से दूर होगी। आस-पास कोई तालाब य जलश्रोत न होने से यहां का ग्राउंड वॉटर भी कम होता गया। बोर सूखने लगे, नल जल योजना के तहत किए गए प्रयासों ने भी दम तोड़ दिया। गर्मी में यहां के लोग और पशु परेशान रहने लगते हैं, खेत बंजर हो जाते हैं। जैसे तैसे टैंकरों से पीने का पानी मंगाकर गुजारा करते हैं। आज इसी गांव का सूखा दूर करने के लिए जिला पंचायत की तरफ से 50 हजार क्यूबिक मीटर पानी स्टोर करने की क्षमता का तालाब बनाया गया है। इसमें आस-पास के लोगों ने जनसहयोग से 4.50 लाख का चंदा भी किया है। मनरेगा से भी कुछ फंड दिया है। इनमें से कुछ लोगों के पास जेसीबी थी तो उन्होंने अपनी जेसीबी और ट्रैक्टर तक काम में लगा दिए ताकि बरसात से पहले यहां तालाब का निर्माण पूरा हो जाए। यही नहीं लोग खुद भी इसमें जुटे हुए हैं।

अमृत सरोवर योजना के तहत बनाए जा रहे तालाब की मदद से आस-पास की बंजर खेती को भी पर्याप्त पानी मिलेगा। जिससे वह बंजर होने से बच जाएगी। पानी पर्याप्त मात्रा में रहेगा तो अन्य फसल भी वह कर सकेंगे। सीईओ जिला पंचायत ऋतुराज सिंह ने बताया कि तालाब बनने के बाद यहां पर एक पार्क को विकसित किए जाएगा। वहां पर एक झंडा लगाया जाएगा। 15 अगस्त, 26 जनवरी व अन्य मौकों पर लोग वहां एकत्र हो सकेंगे। भविष्य में तालाब और उसके पानी को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा इसको लेकर भी गांव के लोगों से चर्चा हुई है। उनके लिए ये तालाब बड़ी उम्मीदें लेकर आया है।

इस प्रकार के 100 तालाब बनने हैं जिले में

अमृत सरोवर योजना के तहत जिले में इस तरह के 100 तालाबों का निर्माण किया जाना है। इसमें ऐसे ही स्थानों का चयन करना है जहां अंडरग्राउंड पानी सूख गया है। नल जल योजना भी सफल नहीं हो रही। एक बार तालाब में पानी स्टोर हो गया तो उससे आस-पास के लोगों की समस्या तो दूर होगी। वहीं अंडरग्राउंड वॉटर भी रिचार्ज होगा। इसके लिए जिले में ऐसे स्थानों का चयन किया जा रहा है, जहां पानी की भयावह स्थिति है।

वर्जन

अमृत सरोवर योजना के तहत गुनगा में तलाब का निर्माण किया गया है। इससे यहां वर्षों पुराने पानी की समस्या का समाधान होगा। ग्राउंड वॉटर भी रीचार्ज होगा।

अविनाश लवानिया, कलेक्टर