
ब्रह्मा, विष्णु, महेश, इन्द्र देवताओं के शरीर से उत्पन हुआ तेज
भोपाल। मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में शक्ति की महिमा पर केन्द्रित तीन दिवसीय सांस्कृतिक समारोह 'सिद्धा' का शुभारम्भ हुआ। मौके पर अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव मौजूद रहे। इस दौरान नभोदीप चक्रवर्ती ने अपने साथी कलाकारों के साथ 'माता चण्डी एवं श्यामा संगीत' पर केंद्रित गायन पेश किया। बाद में नृत्यांगना डॉ. लता मुंशी ने अपने साथी कलाकारों के साथ मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों के दौरान कई बार कलाकारों का उत्साह वर्धन श्रोताओं और दर्शकों ने करतल ध्वनि से किया।
दुर्गा स्त्रोतम से किया दर्शकों को मंत्रमुग्ध
कार्यक्रम की शुरुआत में नभोदीप चक्रवर्ती ने अपने साथी कलाकारों के साथ 'माता चण्डी एवं श्यामा संगीत' पर केंद्रित गायन पेश किया। जिसकी शुरुआत राग शिव रंजनी में चण्डी स्त्रोतम 'नव देवय महादेवय...' प्रस्तुत कर की। इसके बाद दुर्गा स्त्रोतम की प्रस्तुति ने दर्शकों को मन्त्रमुग्ध कर दिया। इसमें तीन ताल में मां चण्डी पर केंद्रित बंदिश 'माता चण्डी जगत जननी...' प्रस्तुत करते हुए भावनाष्टकम् स्त्रोतम 'न तातो न माता...' प्रस्तुत किया।
इसके बाद नभोदीप ने साथी कलाकारों के साथ राम दुलाल नंदी की रचना पर केन्द्रित बंदिश 'सभी तुम्हारी इच्छा....' प्रस्तुत की। अंत में श्यामा केन्द्रित बंदिश पेश की। जिसके बोल 'तारा तारा तारा बोलो....रहे और मध्य लय कहरवा में बंदिश सुनाई। जिसके बाले 'वर दे वर दे मां...' रहे। गायन संगतकारों में तबले पर राहुल गांगुली, गिटार पर ऋतिक मित्रो, हारमोनियम पर विश्वजीत सिंह ठाकुर और तानपुरे अपर ब्रिकेश मंडल शामिल रहे।
नृत्य से किया देवी सती कथा का बखान
गायन प्रस्तुति के बाद नृत्यांगना डॉ. लता मुंशी ने अपने साथी कलाकारों के साथ नृत्य की शुरुआत देवी का आव्हान राग सिंदभैरवी एक ताल में किया। जिसके बोल 'जागो तुमि जागो, जागो दुर्गा जागो रोग प्रहरिणी तुमि जागो....' रहे। वहीं राग नलिन कांति आदि ताल में पुष्पांजलि पर नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद कलाकारों ने अपने नृत्य कौशल से राग वासंती, जोग, हंसनन्दि आदि ताल में 'देवी सशक्तिकरण...' दुर्गा सप्तशती में वर्णित शक्ति उत्पति कथा को मंच पर प्रस्तुत किया।
इस कथा के अनुसार ब्रह्मा, विष्णु, महेश, इन्द्र आदि सभी देवताओं के शरीर से उत्पन तेज के पहले आग के गोले और फिर एक नारी रूप में परिणित हो गया और अपने प्रकाश से तीनों लोकों में व्याप्त हो गया। इस प्रकार सभी के तेज से कल्याणमयी देवी का आर्विभाव हुआ। इसके बाद राग मलिका आदि ताल में देवी सती कथा को कलाकारों ने प्रस्तुत किया। देवी सती कथा के दौरान राग यमन आदि ताल में शिव तांडव की प्रस्तुति हुई। नृत्य प्रस्तुति के दौरान मंच पर मुंशी के साथ आरोही मुंशी, रिया झा, मोहिका सक्सेना, मधुरा चट्टोपाध्याय, रुचि सक्सेना, उर्वशी मालवीय, सुमन कोठरी, रूपल शर्मा आदि ने संगत दी।
Published on:
13 Oct 2018 09:56 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
