
ब्रेन डेड मरीज ने बचाई तीन जिंदगियां (Source: AIIMS-Bhopal Official 'X' Account)
MP News: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(AIIMS Bhopal) में पहला 'कैडेवर ऑर्गन डोनेशन' हुआ। यहां ब्रेन डेड मरीज का अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन हार्वेस्ट) किया गया। रायसेन के औबेदुल्लागंज के 60 वर्षीय शंकर लाल कुबरे की मौत के बाद उनके अंगों ने तीन लोगों की जिंदगी दी। इसमें एक किडनी और हार्ट एम्स में दो मरीजों को ट्रांसप्लांट हुए जबकि दूसरी किडनी बंसल हॉस्पिटल में एक मरीज को दान देने के बाद ट्रांसप्लांट की गयी। इसके लिए एम्स से बंसल तक ग्रीन कॉरीडोर बनाया गया।
शंकर लाल कुबरे 24 मई को सड़क हादसे में घायल हुए थे। उन्हें इलाज के लिए एम्स,भोपाल लाया गया। सोमवार रात उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इसके बाद कुबरे के दोनों बेटों, बेटी और उनकी पत्नी ने अंगदान के लिए कहा। पत्नी ने कहा था-मेरे पति जाते-जाते किसी की जिंदगी बचा रहे हैं, तो यह गर्व की बात है।
रायसेन निवासी शंकरलाल कुबरे की मृत्यु के बाद उनके परिवार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए जो अंगदान(Bhopal AIIMS) किया उससे तीन मरीजों को जीवनदान मिला। एक किडनी बंसल हॉस्पिटल, भोपाल में भर्ती एक मरीज को ट्रांसप्लांट की गई। इसके लिए बुधवार सुबह 11.32 बजे एम्स से बंसल हॉस्पिटल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
शंकर लाल कुबरे के अंगदान से हार्ट और दो किडनी मिलीं। इनमें से एक हार्ट और एक किडनी एम्स,भोपाल में जरूरतमंद मरीजों को दी गई। एम्स में यह 11वां किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। इससे 35 वर्षीय युवक को नया जीवन मिला। जबकि दूसरी किडनी बंसल अस्पताल के एक मरीज को लगाई गयी।
नयी तकनीक का इस्तेमाल: एम्स में किडनी व हार्ट ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में चली।
Updated on:
29 May 2025 09:03 am
Published on:
29 May 2025 09:03 am
