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फेल होने पर भाई ने की आत्महत्या, बहन ने जॉब छोड़ शुरू किया टैलेंट सर्च ताकि कोई ओर बच्चा ऐसा कदम ना उठाए

फेल होने पर भाई ने की आत्महत्या, बहन ने जॉब छोड़ शुरू किया टैलेंट सर्च ताकि कोई ओर बच्चा ऐसा कदम ना उठाए, योर वॉइस मैटर्स: राग भोपाली में हुआ ओपन माइक, गीत-संगीत से समझाया जीवन का महत्व

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भोपाल। मैं अपने इकलौते भाई आदित्यमान सिंह से बहुत प्यार करती थी, 2016 में जब वो चला गया तो मैं पुणे से इंवेस्टर बैंकर की जॉब छोड़कर भोपाल आ गई। पापा-मम्मी को संभाला। चार वर्षों तक मैं यही सोचती रही कि वो इतना टैलेंटेड था, स्कूल-दोस्तों ने उसके टैलेंट को समझने की बजाए सिर्फ 11वीं की परीक्षा में फेल होने सी परखा। मैंने उसकी याद में टैलेंट सर्च शुरू किया। मेरा मकसद है कि मैं ज्यादा से ज्यादा स्कूल-कॉलेज के युवाओं को जोड़ सकूं ताकि वे आत्महत्या जैसा कदम ना उठाएं। यह कहना मेघल सिंह, उन्होंने सोमवार को आदित्यमान टैलेंट सर्च का आयोजन किया। ओपन माइक के इस प्लेटफॉर्म का मकसद युवाओं को एक मंच देना था, जिससे वे प्रतिभा दिखा सकें और अपने मन को शांत रख सकें।

इंडियन आइडल और इंडियाज गॉट टैलेंट में भी हिस्सा ले चुका था भाई

मेघल ने बताया कि आदित्यमान इंडियन आइडल और इंडियाज गॉट टैलेंट में भी हिस्सा ले चुका था। वह पेंटिंग और डांसिंग में भी आगे रहता। उसके साथी उसकी भावनाओं को कभी समझ ही नहीं पाए, वो उसे अपने से अलग समझते थे। जब वह फेल हो गया तो उसे बुलिंग की जाने लगी। हर बच्चे की भावनाएं अलग-अलग होती हैं। शायद कोई ओर होता तो कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन बुलिंग ने उसका दिल तोड़ दिया और 2016 में उसने सुसाइड कर ली। बाद में मैंने ये महसूस किया कि उस वक्त शायद हम भी उसकी भावनाओं को समझ नहीं पाए। यदि हम उसके पास बैठकर उसे समझने का प्रयास करते तो आज वो मेरा साथ होता।

कोरोना के बीच ऑनलाइन युवाओं को जोड़ा

मेघल सिंह ने बताया कि जॉब छोड़कर मैंने खुद का स्टार्टअप शुरू किया। कोरोना में बड़ा कार्यक्रम नहीं कर सकती थी तो 2020 में ऑनलाइन ही टैलेंट सर्च शुरू किया। पिछले साल भी दस नंबर स्थित राग भोपाली में आयोजन किया था। जब मेेरे मकसद के बारे में अन्य लोगों को पता चला तो वे भी मेरे साथ जुड़ गए। हमारा मकसद पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और समाज में बुलिइंग के प्रभावों को कम करना है। अभी ऐसा समझा जाता है कि पुरुष मानसिक स्वास्थ्य की बात नहीं कर सकते, भावनाएं व्यक्त नहीं कर सकते। कार्यक्रम में योर वॉइस मैटर्स स्लोगन के माध्यम से यहां आने वाले युवाओं को समझाने की कोशिश कि उनका जीवन कितनी कीमती है। कार्यक्रम में युवाओं ने अपने विचार, अपना संगीत और अपनी बोली को व्यक्त किया। व्यक्त करने का एक प्लेटफार्म मिल सके।