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ट्रांसपोर्ट सिस्टम के हिसाब से ही तय होंगे बाजार, बनेगा ट्रांजिट ओरिएंटेड कॉरिडोर

बीआरटीएस: मैनिट के ट्रैफिक एक्सपर्ट पैनल ने निगम-टीएनसीपी को दिया प्रजेंटेशन

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भोपाल. पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को जनता के लिए सुलभ और शहर के विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिसरोद से बैरागढ़ तक 24 क्षेत्र में फैले क्षेत्र को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट फार्मूले पर विकसित किया जाएगा। मैनिट और अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान ने मास्टर प्लान में सिटी ट्रांसपोर्ट और डेवलपमेंट को आपस में जोड़कर शहर की स्टडी रिपोर्ट तैयार की है इसे मास्टर प्लान के नए मसौदे में जोड़ा जाएगा। इस रिपोर्ट के मुताबिक शहर का आकार पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा होशंगाबाद रोड और बैरागढ़ के आसपास बढ़ा है। दोनों छोर को बीआरटीएस जोड़ता है और भविष्य में इस हिस्से पर मेट्रो रेल पर चलाई जाएगी। सर्वे रिपोर्ट में स्थानों के हिसाब से ये बताया गया है कि किस क्षेत्र में किस प्रकार के बाजार विकसित करने से ट्रांसपोर्ट सिस्टम में पर्याप्त यात्री और शहर विकास को रफ्तार मिल सकती है।
मैनिट के सहायक प्राध्यापक राहुल तिवारी ने इस मामले में नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग को शहरों के विकास में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की भूमिका विषय पर प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव पर प्रदेश भर के टीएनसीपी और निगम अफसरों को प्रजेंटेशन भी दिया गया।

किस स्थान पर क्या प्रस्तावित
मिसरोद से बागसेवनिया थाना: कुछ वर्षों पहले तक शहर का आउटर सर्किल माने जाने वाले इस हिस्से पर संचालित ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पैसेंजर यूटिलिटी और डेवलपमेंट के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण स्थान बताकर यहां मॉल, रेस्टॉरेंट, मैरिज गार्डन और होटल इंडस्ट्री स्थापित करने पर जोर दिया गया है।

हबीबगंज से एमपी नगर: शहर का मध्य स्थल कहलाने वाले इस हिस्से को एजुकेशन संस्थानों की वजह से हॉस्टल, स्टूडेंट सुविधा के लिहाज से विकसित करने की सलाह दी गई है। इन इलाकों में चेतक ब्रिज, एमपी नगर जोन वन टू, गौतम नगर एवं रचना नगर शामिल किए गए हैं।

बोर्ड ऑफिस से रोशनपुरा: शहर के कपड़े, किराना और जरूरी उपभोक्ता सामग्री के फुटकर बाजार को इस हिस्से पर लाकर बसाने पर जोर दिया गया है। तर्क दिया गया है कि यदि इस हिस्से पर बाजार विकसित होते हैं और नए और पुराने शहर की बाजादी को फायदा पहुंचेगा।

पॉलीटेक्निक से लालघाटी चौराहा: बड़ा तालाब, छोटा तालाब, बोट क्लब, वन विहार और रानी कमलापति महल को पर्यटक स्थल की तरह विकसित कर इस हिस्से को टूरिस्ट हब बनाने पर जोर दिया गया है। तर्क दिया गया है कि इससे राजस्व आय बढऩे के साथ इस हिस्से पर यात्री संख्या को बढ़ाया जा सकेगा।

हलालपुर से बैरागढ़: वर्तमान कपड़ा व्यवसाय सहित आर्गेनिक पौधों की नर्सरियों को संचालित करने के लिए इस हिस्से को चिन्हिंत किया गया है। यहां वर्तमान में कपड़ा बाजार जाने वाले यात्रियों की संख्या सबसे अधिक है।

प्रमुखता से चर्चा में लाया जा रहा है
भोपाल सहित शहरों के मास्टर प्लान में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने नई केस स्टडी और सर्वे को प्रमुखता से चर्चा में लाया जा रहा है। सभी अधिकारियों को ड्राफ्ट बनाकर इस पर पब्लिक ओपिनियन लेने भी कहा गया है।
आर परशुराम, महानिदेशक, सुशासन संस्थान