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भोपाल. बरकतउल्ला विवि प्रबंधन की ओर से फर्जी नियुक्तियों की जांच, राजभवन की ओर से नेक ग्रेडिंग पर फोकस करने और दूसरे अंदरूनी मामलों का असर अब विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पडऩा शुरू हो गया है। दिसंबर के बीतने पर भी कई विषयों के सेमेस्टर एग्जाम नहीं हुए हैं और जिनके हो गए उनके परिणाम नहीं आ रहे हैं। विवि प्रबंधन ने शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए जो कैलेंडर तैयार किया था उसके मुताबिक अब तक ये सभी गतिविधियां निपट जानी थीं। कैलेंडर वर्ष में पिछडऩे का असर इस बार की मुख्य परीक्षाओं पर पडऩा तय है। पिछले साल भी मुख्य परीक्षाओं के परिणाम अगले पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथियों तक घोषित नहीं हो सके थे जिसके चलते प्रवेश की प्रक्रिया सितंबर तक जारी रखनी पड़ी थी। इस बार भी बीयू और इससे संबंद्ध कॉलेजों में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीएससी, होमसाइंस, बीए मैनेजमेंट कोर्स के विद्यार्थियों पर इसका असर पड़ सकता है।
विश्वविद्यालय की गोपनीय शाखा में करीब 8 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए हर साल आती हैं। इसके अलावा कुछ कॉपियों के ढेर असिस्टेंट रजिस्ट्रार के चैंबरों में भी जांच देर होने के चलते लग जाते हैं। कॉपियों का मूल्यांकन समय पर शुरू होता है तो रिजल्ट जून तक आ जाना चाहिए लेकिन परीक्षाओं में देर होने से परिणाम भी लंबा इंतजार करवाते हैं। मूल्यांकन समय पर शुरू नहीं हो पाने का एक बड़ा कारण समय पर नियम तैयार नहीं होना बताया जा रहा है। विवि ने इसी में समय बिता दिया कि फैकल्टी को मूल्यांकन कराने के लिए आंसरशीट घर ले जाने की सुविधा देनी है या नहीं।
बीएड-एमएड का जीरो ईयर
एनसीईआरटी ने इस वर्ष भी बीयू कसे बीए-एमएड पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति नहीं दी है। बीयू प्रशासन ने तीन महीने पहले संबद्धता छिनने के बाद एनसीईआरटी को विद्यार्थियों की सुविधाओं का हवाला देकर संम्बद्धता जारी रखने की अपील की थी। एनसीईआरटी ने तर्क दिया है कि जब विवि परिसर में बीएड और एमएड पाठ्यक्रम पढ़ाने वाली नियमित फैकल्टी की कमी है, संविदा नियुक्तियों पर न्यायालय की ओर से रोक लगी हुई है तो विद्यार्थियों को विवि प्रशासन वैसे भी सुविधाएं नहीं दे सकेगा। नया शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले कुलपति आरजे राव ने एक बार फिर इस मामले में प्रस्ताव भेजकर भौतिक सत्यापन कराने की अपील की है। बीयू प्रशासन चाहता है कि एनसीईआरटी की टीम आकर विवि परिसर का भौतिक निरीक्षण कर तैयारियों और इंतजामों का जायजा लेकर तसल्ली कर ले ताकि बीएड और एमएड के लिए जीरो ईयर घोषित करने से बचा जा सके।
विवि का प्रयास है कि सभी परीक्षाओं के परिणाम समय पर आएं। तकनीकी कारणों की वजह से इसमें विलंब होता है।
- आरजे राव, कुलपति, बीयू
Published on:
02 Jan 2020 01:26 am
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