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Good Initiative : कोरोना सैंम्पल की जांच के लिए बरकतउल्ला विवि ने AIIMS भोपाल को दी अपनी RT-PCR मशीन

सैंपल ज्यादा और RT-PCR मशीन की कमी के चलते टेस्ट के लिए दिल्ली भेजे जा रहे थे सैंपल... प्रदेश में रोजाना कोरोना संक्रमितों के सैंपल्स लिए जा रहे हैं, इन्हें टेस्ट के लिए प्लेन से दिल्ली भेजा जा रहा है। ऐसे में सैंपलों की रिपोर्ट आने में ज्यादा वक़्त लग रहा है और प्रदेश पर अनावश्यक वित्तीय भार भी बढ़ रहा है। इस विपत्ति की घड़ी में बीयू प्रबंधन का यह कदम प्रदेश वासियों के मददगार साबित होगा।
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भोपाल

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Vikas Verma

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Updated: 13 Apr 2020, 9:34 PM IST

BU handed over its RT-PCR machine to AIIMS Bhopal for corona

BU handed over its RT-PCR machine to AIIMS Bhopal for corona

भोपाल। देश भर में कोरेाना संक्रमण से बचाव के लिए रोजाना बड़ी तादाद में लिए जा रहे सैंपल्स लिए जा रहे हैं। प्रदेश में आरटी-पीसीआर (RT-PCR) मशीनों की तादाद कम होने की वजह से सैम्पल्स को जांच के लिए हवाई मार्ग से दिल्ली भेजा जा रहा है। ऐसे में बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय बीयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने अपने विभाग में मौजूद टेस्ट के लिए जरूरी आरटी-पीसीआर मशीन को एम्स भोपाल को अस्थायी रूप से सौंपा है। विवि के कुलपति प्रो. आरजे राव ने बताया कि सोमवार को यह मशीन एम्स भोपाल को सौंपी गई है। इसके साथ ही माइक्रोबायोलॉजी विभाग के दो रिसर्च स्कॉलर और दो स्टूडेंट्स भी जांच में सहयोग के लिए गए हैं। इस मशीन की मदद से महज 4-5 घंटे में टेस्ट रिपोर्ट आ जाती है।

RT-PCR में एक साथ किया जा सकता है 96 सैम्पल्स का एनालिसिस

विवि के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अनिल प्रकाश ने बताया कि कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए आरएनए सैंपल को आरटी-पीसीआर मशीन के जरिए पॉजिटिव और नेगेटिव सैंपल के साथ तुलनात्मक अध्ययन किया जाता है। जिससे 96 सैम्पल्स का एनालिसिस एक साथ किया जा सकता है। प्रदेश में रोजाना कोरोना संक्रमितों के सैंपल्स लिए जा रहे हैं जिन्हें टेस्ट के लिए प्लेन से दिल्ली भेजा जा रहा है। जिससे इस खतरनाक वायरस के सैंपलों की रिपोर्ट आने में ज्यादा वक़्त भी लग रहा है और प्रदेश पर अनावश्यक वित्तीय भार भी बढ़ रहा है। इस विपत्ति की घड़ी में प्रदेशवासियों के सहयोग के लिए बीयू प्रबंधन ने यह कदम उठाया है। विवि द्वारा यह मशीन डिपार्टमेंट ऑफ बॉयोटेक्नोलॉजी डीबीटी बिल्डर प्रोग्राम के तहत खरीदी गई थी, जिसकी कीमत करीब 18 से 20 लाख रुपए के आसपास है।