
हरीश दिवेकर
भोपाल। यह समाचार उन फ्लैट मालिकों के लिए सुखद भरा हो सकता है।
जो 25 साल पुराने अपार्टमेंट मेंं रह रहे हैं और उनके अपार्टमेंट जर्जर स्थिति में है।
अब वे किसी बिल्डर से मुफ्त में अपने अपार्टमेंट को नए सिरे से बनवा सकेंगे।
इसके ऐवज में राज्य सरकार संबंधित बिल्डर को 50 फीसदी अधिक एफएआर देगी। बिल्डर इससे अपार्टमेंट में अतिरिक्त फ्लैट बनाकर मुनाफा कमा सकेंगे।
सरकार ने इसका प्रावधान नई रियल एस्टेट पॉलिसी में कर दिया है।
जल्द ही महाराष्ट्र की तर्ज पर री-डेवलपमेंट नियम बनाए जाएंगे।
इसका फायदा हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण को भी मिलेगा।
वे अपने प्राइम लोकेशन पर बने पुराने प्रोजेक्ट को इस योजना में फिर से बनाकर अच्छा खासा मुनाफा कमा सकेंगे। उल्लेखनीय है कि अभी तक रीडेंसीफिकेशन योजना में पुराने सरकारी भवन तोड़कर नए कॉम्पलेक्स बनाए जाते रहे हैं, लेकिन निजी मकानों के बारे में इस तरह की योजना नहीं थी।
फ्लैट मालिक को -
- री-डेवलपमेंट स्कीम में पुरानी इमारत के फ्लैट्स मालिकों को मुफ्त में नए फ्लैट्स दिए जाएंगे।
- यही नहीं ये फ्लैट्स पुराने के मुकाबले बड़े आकार के होंगे।
- लोगों को निर्माण अवधि के दौरान फ्लैट्स का किराया भी मिलेगा, ताकि इस किराए पर लोग नए फ्लैट्स बनने तक दूसरी जगह रह सकें।
- नया फ्लैट बनने के बाद इसकी बाजार कीमत भी दोगुनी हो जाएगी।
- आधुनिक आर्किटेक्चर होने से फ्लैट्स में जगह का इस्तेमाल ज्यादा सुविधाजनक होगा।
बिल्डर को फायदा -
- शहरों में प्राइम लोकेशन पर जमीनें नहीं हैं। इस योजना के बाद बिल्डर को प्राइम लोकेशन पर पुराने अपार्टमेंट या बिल्डिंग में नया प्रोजेक्ट बनाने को मिलेगा।
- अतिरिक्त एफएआर मिलने से वह अपने हिसाब से फ्लैट, ऑफिस आदि बनाकर बेच सकेंगे।
- री-डेवलपमेंट योजना के अनुसार अपार्टमेंट के 50 फीसदी फ्लैट मालिक यदि सहमत होते हैं तो बिल्डर इस प्रोजेक्ट को बना सकेगा। किसी एक की आपत्ति के चलते प्रोजेक्ट नहीं रुकेगा।
- 100 वर्ग फीट रोड पर स्थित अपार्टमेंट को हाईराइज बिल्डिंग का 2.0 एफएआर का फायदा मिलेगा।
- हाईराइज बिल्डिंग का एफएआर मिलने ज्यादा यूनिटस बना कर अच्छा खासा मुनाफा कमा सकेंगे।
यह होगी री-डेवलपमेंट की प्रक्रिया
- सर्वे कर मौजूदा फ्लैट्स मालिकों को नए फ्लैट्स और किराया देने की लागत निकाली जाएगी।
- इस लागत की भरपाई के लिए नए फ्लैट्स की डिमांड निकाली जाएगी
- फ्लैट्स मालिकों से सहमति ली जाएगी। फिर री-डेवलपमेंट योजना के अनुसार अनुबंध किया जाएगा।
भोपाल में इन प्रोजेक्ट को मिलेगा फायदा
- भोपाल विकास प्राधिकरण की इंद्रपुरी स्थित अजंता कॉम्पलेक्स, छह नंबर मार्केट इस दायरे में आ रहे हैं। यहां छह से सात मंजिला ऊंची इमारतें बनाई जा सकेंगी।
- इसके अलावा साकेत नगर स्थित बीडीए कॉम्प्लेक्स, छह नंबर मार्केट, दस नंबर मार्केट, माता मंदिर हर्षवर्धन कॉम्प्लेक्स, टीला जमालपुरा, कोटरा सुल्तानाबाद मल्टी स्टोरीज, रत्नागिरी आदि में 25 साल से पुरानी
Published on:
20 Oct 2019 04:00 am
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