
भोपाल/ हल्का गुनगुना दूध पीना हमारे सेहत के लिये लाभदायक है। Milk benefits दूध चाहे गाय का हो या फिर भैंस का दोनों में प्रोटोन पर्याप्त मात्रा में पाये जाते हैं। राजस्थान के रहने वाले शोभाराम का कहना है कि साल में दो बार ऊंटों को चाराने के लिये वे विभिन्न राज्यों में आते रहते हैं। अभी वे भोपाल में ठहरे हैं उनका कहना है कि ऊंटनी का दूध गाय और भैंस के दूध से ज्यादा ताकतवर होता है। उनका बताया कि गाय और भैंस का दूध हमें प्रोटीन और वसा देती है किन्तु ऊंटनी के दूध में किसी बीमारी से पीड़ित मरीज के लिये दवा का काम करता है।
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ऊंटनी के दूध पीने के फायदे
उन्होने बताया कि ऊंटनी के दूध को हर दिन पीने से गंभीर बीमारियों में लाइलाज बीमारी भी ठीक करने में मदद करती है। क्योंकि ऊंटनी के दूध में सभी पोषक तत्व जैसे - प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, आयरन, मैग्निशियम के साथ कई अन्य विटामिन्स से भरपूर होते है। यह सभी पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ, तनदुरुस्त और अपने बच्चों को रोगों से मुक्त करने, मस्तिष्क का विकास करने में सहायक होता है। इतना ही नहीं ऊंटनी का दूध नियमित पीने से बच्चों में सोचने-समझने की झमता में भी सामान्य अधिक लाभ के साथ कुपोषण को खत्म करता है।
प्रचुर मात्रा में होता है कैल्शियम
ऊंटनी के दूध में कैल्शियम बड़ी मात्रा में पाया जाता है। जिससे इसके सेवन से हड्डियां मजबूत हो जाती हैं। तो वहीं इसमें लेक्टोफेरिन नामक तत्व पाए जाने से कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी लड़ने की क्षमता शरीर में तैयार होती है। इतना ही नहीं यह खून से टॉक्सिन्स दूर करता है और लिवर को साफ करता है। पेट से जुड़ी समस्याओं में आराम पाने के लिए भी लोग इसका सेवन करते हैं। यह वायरल संक्रमणों से लड़ने में भी मददगार है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने में कारगर
ऊंटनी के 1 लीटर दूध में लगभग 52 यूनिट इंसुलिन की मात्रा पायी जाती है। जो कि गाय, भैंस या अन्य के दूध में कम पाया जाता है। इंसुलिन शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का करने का काम करती है। ऊंटनी के दूध में विटामिन और खनिज तत्वों से भरपूर होता है। इसमें एंटीबॉडी मौजूद होने के चलते शरीर को संक्रामक रोगों से बचाता है। ऊंटनी के दूध नियमित पीने से ब्लड सुगर में राहत मिलती है, इंफेक्शन रोकने में भी मददगार है। तपेदिक, आंत में जलन होने पर भी इसका इस्तेमाल गुणकारी है। यह छोटी-मोटी बीमारियों के लिए लाभकारी है साथ ही गैस्ट्रिक कैंसर की घातक कोशिकाओं को रोकने में भी मदद करता है।
इन बीमारियों के लिये भी फायदेमंद
ऊंटनी के दूध में अल्फा हाइड्रोक्सिल अम्ल प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ऊंटनी के दूध का नियमित सेवन करने से हैपेटाइटिस सी, हृदय रोग, एड्स, गैंगरीन, मधुमेह, किडनी, अल्सर से संबंधी बीमारियों से शरीर की बचाव की प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। यह शरीर में ऐसी कोशिकाओं के निर्माण करता है जो संक्रामक रोगों के खिलाफ एंटीबॉडी के रूप में काम करती हैं। इससे त्वचा में भी निखार आता है।
Published on:
07 Nov 2019 07:43 am
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