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कनाडा, यूएस बर्लिन सहित आठ देशों की जमातें 25 दिन से भोपाल में, इंटेलीजेंस को पता ही नहीं

- अधिकांश आते हैं टूरिस्ट वीजा पर, तीन-तीन महीने रुकते हैं, लेकिन कभी नहीं की जाती जांच, खुलासे के बाद हड़कंप

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कनाडा, यूएस बर्लिन सहित आठ देशों की जमातें 25 दिन से भोपाल में, इंटेलीजेंस को पता ही नहीं

कनाडा, यूएस बर्लिन सहित आठ देशों की जमातें 25 दिन से भोपाल में, इंटेलीजेंस को पता ही नहीं

भोपाल. कोरोना प्रभावित कनाडा, यूएस, बर्लिन, फ्रांस, किर्गिस्तान, इंडोनेशिया, म्यामार और मलेशिया के 70 लोग पिछले 25 दिन से भोपाल में हैं और इंटेलीजेंस को इसकी खबर तक नहीं है। अलग-अलग देशों से आईं जमातें टूरिस्ट वीजा पर भोपाल आईं हैं या किसी और वीजा को आधार बनाया गया है। अधिकारियों ने अब इस दिशा में जांच शुरू कर दी है। इनमें से 67 के सैम्पल लेकर कुछ को मस्जिद में की क्वारेंटाइन किया है तो कुछ को हज हाउस में बनाए क्वारेंटाइन होम में रखा गया है। इस खुलासे के बाद पुलिस के पूरे सिस्टम पर कई सवाल खड़े होने लगे हैं। जो इंटेलीजेंस का फेलियर तो साबित कर ही रहा है। थाना स्तर पुलिस की मुखबिरी सिस्टम पर भी पोल खोल रही है।

भोपाल में कनाडा, यूएएस, फ्रांस बर्लिन के 16 सदस्यों की एक जमात पांच मार्च को भोपाल आई थी। इन्हें 10 अप्रेल को यहां से जाना है। ्ये जमात तलैया स्थित हल्के के श्यामला हिल्स स्थित आहाता रुस्तम में ठहरी हुई है। क्या ये लोग बाहर नहीं गए होंगे। अगर इनमें से किसी को कोराना संक्रमण हुआ और क्या स्थिति होगी इसका अंदाजा भी नहीं होगा। इसी प्रकार किर्गिस्तान के 12 सदस्यों की जमात चार मार्च को भोपाल आई और यहां पर निजामुद्दीन कॉलोनी की बड़ी मस्जिट पर ठहरी है। इंडोनेशिया और मलेशिया से 10 पुरुष और 10 महिलाओं की जमात पुल बोगदा, बाग अफजा की बड़ी मस्जिद और सिकंदर जहां मस्जिद में ठहरी हुईं हैं। कुछ लोग सलीम, इरफान के घर भी रुके हैं। म्यांमार के 9 सदस्यों की जमात 7 मार्च से ऐशबाग स्थित हिंद कॉन्वेंट स्कूल के पीछे रहमानियां मस्जिद में रुकी हैं। लेकिन किसी ने इन पर ध्यान नहीं दिया। कुल मिलाकर 70 विदेशी लोगों की जमात हैं।

83 मप्र व अन्य राज्यों के
अलग-अलग मस्जिदों में मप्र के अन्य शहर और राज्यों के करीब 83 लोग और हैं जो पिछले एक माह से यहां ठहरे हुए हैं। जबकि कलेक्टर की तरफ से जारी किए गए 144 के आदेश में इनकी सूचना संबंधित थानों में देनी थी। लेकिन सूचना देना तो दूर इनमें से कइयों के नाम तक रजिस्टर में मिले हैं।

जिले भर की मस्जिदों की सर्चिग

इस घटना के बाद जिले की सभी मस्जिदों की सर्चिंग कराई जा रही है। कहीं कोई और जमात तो नहीं रह रही। सूत्रों की मानें तो भोपाल में ही हर माह 200 से ज्यादा जमातें आती हैं और दो-दो महीने रुक कर चल जाती हैं। ये लोग टूरिस्ट विजा पर आते हैं, जिसके बारे में आज तक जांच नहीं की जाती।

पुल बोगदा स्थित घरों में मूवमेंट
इंडोनेशिया और मलेशिया की महिला जमातों का मूवमेंट पुल बागदा स्थित घरों के आस-पास की महिलाओं के यहां भी हुआ है। इसको लेकर भी अधिकारी सूची तैयार कर रहे हैं।

वर्जन

विदेश से आए जमातियों के संबंध में जो-जो लोग इनसे मिले हैं वे अपना चेकअप करा लें। पुलिस को जानकारी दे दें। हमारी उनसे अपील है कि वे खुद सामने आ जाएं।
उपेंद्र जैन, आईजी