
भोपाल। मध्यप्रदेश में कैंसर मरीजों के उपचार की बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। प्रदेश में रेडियोथेरेपी की अत्याधुनिक तकनीक से इलाज किया जाएगा जिसके लिए लीनियर एक्सीलेरेटर मशीनें लगाई जाएंगी। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कालेज में मरीजों की रेडियोथेरेपी के लिए ये मशीने लगाई जाएंगी. विशेष बात यह है कि इससे प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले रेडियोथेरेपी पर खर्च 70 प्रतिशत तक सस्ता हो जाएगा।
भोपाल, इंदौर और रीवा मेडिकल कालेज में कैंसर मरीजों की हो सकेगी रेडियोथेरेपी- रेडियोथेरेपी में जिस जगह कैंसर होता है, सिर्फ वहीं की कोशिकाएं नष्ट की जाती हैं। इस थेरेपी में आसपास की कोशिकाओं को बहुत कम नुकसान होता है। भोपाल, इंदौर और रीवा के सरकारी मेडिकल कालेजों में ये मशीनें पीपीपी माडल से लगेंगी। यहां प्राइवेट अस्पतालों की तुलना में बहुत कम खर्च आएगा। लीनियर एक्सीलेरेटर से रेडियोथेरेपी देने में प्राइवेट अस्पतालों में एक बार का खर्च करीब 20 हजार रुपये आता है पर मेडिकल कालेज अस्पतालों में यह खर्च करीब 4 हजार रुपए ही आएगा।
पीपीपी मोड में लगाई जाएंगी लीनियर एक्सीलेरेटर मशीनें, अगले साल तक मिलेगी सुविधा- चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि मशीन लगाने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। करीब 11 माह में यह सुविधा शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब एक दर्जन अस्पतालों में लीनियर एक्सीलेरेटर हैं. अभी सरकारी अस्पतालों में सिर्फ एम्स में यह सुविधा है। आयुष्मान भारत योजना में भी मरीजों को सरकारी अस्पताल रेडियोथेरेपी के लिए प्राइवेट अस्पताल ही भेजते हैं। यहां 20 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक आता खर्च आता है.
रेडिएशन बाहर नहीं आ सके, इसके लिए अलग कक्ष, लेड की मोटी दीवार बनाई जाती है- केंसर मरीजों को रेडियोथेरेपी देने के लिए अलग कक्ष बनाया जाता है। रेडिएशन बाहर नहीं आ सके, इसके लिए लेड की मोटी दीवार बनाई जाती है। इसके साथ ही एटामिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड से स्वीकृति भी लेनी होती है।
Published on:
14 Apr 2022 04:19 pm
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