
MP Assembly Winter Session:मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सीएम मोहन यादव ने सदन के सामने महत्वपूर्ण आंकड़ों को रखा। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एमपी हाईकोर्ट में पेंडिंग नाबालिग से दुष्कर्म के मामलों का आंकड़ा बताया है। उन्होंने बताया कि एमपी हाईकोर्ट की जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर बेंच में नाबालिग से दुष्कर्म के 4928 मामले लंबित है। इनमें 64 रेप के बाद हत्या के मामले भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन मामलों में कुल 5243 आरोपी है जिनमे 50% जमानत पर बाहर है। मुख्यमंत्री द्वारा सदन में रखे गए यह आंकड़े 22 नवंबर 2024 तक के हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इन मामलों में कुल 11 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी हैं। हालांकि, अभी तक एक भी आरोपी को फांसी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्य पीठ जबलपुर में 3013, ग्वालियर में 631 और इंदौर में 1284 नाबालिग से दुष्कर्म के मामले लंबित है। इनमें 64 मामले ऐसे हैं जिनमे रेप के बाद हत्या की गई है, जबकि 6 मामलों में सम्बंधित ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है।
राज्य के पूर्व गृह मंत्री और राजपुर सीट से कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सदन में सीएम मोहन यादव से सवाल पुछा था। उन्होंने पूछा था कि 'जबलपुर उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ और ग्वालियर खंडपीठ में नाबालिग दुष्कर्म के कितने प्रकरण विचाराधीन है? इनमें वे प्रकरण अलग से बताया जाए, जिनमें नाबालिग दुष्कर्म के बाद हत्या के प्रकरण भी शामिल हैं? उन्होने सवाल को आगे बढ़ाते हुए सीएम से पूछ कि 'क्या इस संबंध में मुख्यमंत्री ने बीते 1 साल में कोई निर्देश, आदेश जारी किए है? यदि हाँ, तो उसकी प्रमाणित प्रति दें।' सीएम ने प्रश्न का जवाब 132 पेजों को पढ़कर दिया। उन्होंहे बताया कि 'विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं की गई और मुख्यमंत्री द्वारा कोई निर्देश आदेश जारी नहीं किए गए है।'
Published on:
18 Dec 2024 03:58 pm
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