
Road Safety Secretariat प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)
रूपेश मिश्रा
MP News: सड़क सुरक्षा से जुड़े विषयों पर अब अलग- अलग दफ्तरों से काम करने के बजाय एक छत के नीचे से ही काम करने की तैयारी की जा रही है। जिसको लेकर प्रदेश में जल्द सड़क सुरक्षा सचिवालय तैयार किया जाएगा। जिसमें एक छत के नीचे पीडब्ल्यूडी, एनएचआई, एमपीआरडीसी और स्वास्थ्य सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य विभाग के अफसर साथ बैठकर काम करेंगे और इस सचिवालय की लीड़िंग एजेंसी परिवहन विभाग को बनाया गया है।
बता दें केंद्र सरकार से दिशा- निर्देश मिलने के बाद सड़क सुरक्षा सचिवालय पर तेजी से काम शुरू किया गया है। बता दें सड़क सुरक्षा सचिवालय वह संस्था है जो सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए योजना बनाती है। नियम लागू करवाती है और सभी संबंधित विभागों को साथ लेकर काम करती है।
सड़क सुरक्षा सचिवालय बनाने का प्राथमिक प्रस्ताव तैयार कर अप्रेल माह के पहले सप्ताह में वल्लभ भवन में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। बैठक मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिसमें परिवहन आयुक्त सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में प्रस्ताव के पहलूओं पर चर्चा करने के दौरान मुख्य सचिव द्वारा इस पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है। इस बैठक में सचिवालय के स्थान के चयन, काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक परिवहन द्वार तैयार किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि सिर्फ वेतन में 1.8 करोड़ मासिक खर्च आएगा।
केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट समिति ने राज्यों में सड़क सुरक्षा सचिवालय बनाने के लिए सालों पहले स्षष्ट दिशा- निर्देश दिए। जिसमें कहा गया कि एक अलग लीड एजेंसी बनाई जाए। जो स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल का सचिवालय बनकर काम करें। यह केवल सड़क सुरक्षा के लिए हो और इसमें फुल- टाइम अधिकारी और स्टॉफ हों। बता दें गुजरात, राजस्थान और केरल ने इस दिशा में सबसे बेहतरीन काम किया है।
साल 2021- दुर्घटना 48877, मौतें-12057
साल 2022- दुर्घटना 55432, मौतें- 13427
साल 2023- दुर्घटना 55327, मौतें-13798
साल 2024- दुर्घटना 56669, मौतें-14791
साल 2025- दुर्घटना 58118, मौतें-15607
(स्त्रोत- पीटीआरआई)
Published on:
15 Apr 2026 04:00 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
