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चाय पिलाकर कमाए डेढ़ सौ करोड़, विदेशों में भी शुरू कर दिया चाय सुट्टा बार का कारोबार

संचालक अनुभव दुबे ने अपनी सफलता की कहानी साझा की, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान में हुए युवा संवाद में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने भी की शिरकत

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भोपाल. सफलता के लिए रिस्क एपेटाइट होना जरूरी है। किसी की नकल नहीं करें। नकल करने पर आप, आप नहीं रहते। अपना रास्ता स्वयं बनायें, आप क्या हो, इसे पहचानो और वही बनो। यह बात मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में हुए युवा संवाद में कही। कार्यक्रम मेें चाय सुट्टा बार संचालक अनुभव दुबे ने अपनी सफलता की कहानी साझा की. खास बात यह है कि उनकी सफलता की दास्तान सुनकर यहां आए कई युवा प्रेरित हुए.

मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने कहा कि उम्र कोई मायने नहीं रखती. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मेकडोनाल्ड ने 62 वर्ष की उम्र में रेस्तरां की चेन शुरू की थी। उन्होंने कहा कि जिंदगी में सफल होने से ज्यादा जरूरी है ज्वायफुल होना। अगर ज्वायफुल रहेंगे, तो सफलता अपने आप मिलेगी।

कार्यक्रम में केपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के सचिव हेमंग जॉनी (नई दिल्ली) ने कहा कि टेक्नोलॉजी लोगों की समस्याएं कम करती है, सहूलियतें बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी इज द न्यू ह्यूमेनिटी। आर्ट के विषय पढ़ें या विज्ञान के, टेक्नोलॉजी के बिना संभव नहीं है। कार्यक्रम में निनाद अधिकारी ने संतूर वादन और विजय वंदेवार एवं समूह ने आदिवासी सैलागेढ़ी नृत्य प्रस्तुत किया। संस्थान के सीईओ प्रतीक हजेला ने युवा संवाद आयोजन की रूप रेखा बताई।

विजन-27 पर संस्थान कार्य कर रहा
संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि शोध के कार्यों को समाज से जोडऩे के लिए युवा संवाद की श्रंखला शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि विजन-27 पर संस्थान कार्य कर रहा है। इसके लिए 38 विश्वविद्यालयों से संस्थान ने एमओयू किया है। लक्ष्य राज्य की प्राथमिकताओं और योजनाओं से युवाओं को जोडऩे का है।

चाय सुट्टा बार का डेढ़ सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार, स्टार्टअप से काफी प्रभावित हुए युवा — स्टार्टअप चाय सुट्टा बार के संचालक अनुभव दुबे ने अपनी सफलता के सोपानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1500 से अधिक परिवार हमसे जुड़े हुए हैं। डेढ़ सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार है। देश के साथ ही विदेशों में भी चाय सुट्टा बार संचालित हैं। उनकी कहानी सुनकर कार्यक्रम में शामिल युवा उनसे प्रभावित हुए।

मैं सीएम बनना चाहता हूं इसलिए लॉ पढ़ रहा
बीएएलएलबी के छात्र कवि विवेक भास्कर ने बताया कि ग्रामीण युवाओं को इस तरह के कार्यक्रम काफी इंस्पायर करते हैं। इस तरह के कार्यक्रम में हमें सीएम, विधायक सहित अन्य बड़े अधिकारियों के विचार सुनने और उनसे मिलने का मौका मिलता है। मैं मुख्यमंत्री बनना चाहता हूं। इसलिए मैं लॉ की पढ़ाई कर रहा हूं।

एग्रीकल्चर स्टूडेंट्स शिवेंद्र राजपूत ने कहा कि मुझे कार्यक्रम में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस की यह बात बहुत अच्छी लगी कि किसी की कॉपी नहीं करना चाहिए। अपना रास्ता खुद चुनना चाहिए। मैं एग्रीकल्चर का छात्र हूं उसी में कॅरियर बनाना चाहता हूं।

मीडिया मैनेजमेंट से संबंधित सोनू यादव के मुताबिक दूसरे के पद चिन्हों पर नहीं चलना चाहिए। मुझे यह बात बहुुत अच्छी लगी। मेरा सपना है कि एक दिन अपना न्यूज पेपर निकालूं। उसमें मैं अपने हिसाब से काम करना चाहूंगा। अखबार भले ही छोटा हो पर मैं सही बात छाप सकूं उससे सुकून मिलेगा।