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गौहर महल में आज होगा चारबैत मुकाबला, सदियों पुरानी परंपरा

अल्लामा इकबाल की 78वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर उर्दू में गायन की प्राचीन, अनोखी व रोचक परम्परा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से इसका आयोजन होगा। 

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sanjana kumar

Apr 20, 2016

gohar mahal

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भोपाल। अल्लाम इकबाल अदबी मरकज, मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी (संस्कृति विभाग) द्वारा बुधवार को गौहर महल में रात 8 बजे याद-ए-इकबाल में चारबैत मुकाबले का आयोजन किया जाएगा। अकादमी सचिव डॉ. नुसरत मेहदी ने बताया कि अल्लामा इकबाल की 78वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर उर्दू में गायन की प्राचीन, अनोखी व रोचक परम्परा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से इसका आयोजन होगा।

इसमें देश की पांच चारबैत पार्टियां अपने फन का प्रदर्शन करेंगी। इसमें अखाड़ा मेहबूब अली खां-रामपुर, अखाड़ा मुंशी अंजारउद्दीन-चांदपुर, अंजुमन गुलिस्ताने चारबैत पार्टी-भोपाल, बज्म-ए-शाहिद चारबैत पार्टी-भोपाल और बज्म-ए-मसूद चारबैत पार्टी-भोपाल शाइर-ए-मशरिक मुकाबले में अपने सदस्यों के साथ शिरकत करेंगे। चारबैत का अर्थ चार पंक्तियों वाली कविता है।

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इसमें कोई साज नहीं बजाया जाता। ताल के लिए केवल ढपली का उपयोग किया जाता है। भोपाल में नवाबी दौर से ही ये परम्परा और विधा खूब लोकप्रिय रही है। एक जमाना था जब भोपाल में हर मोहल्ले में चारबैत मुकाबले होते थे और हर छोटी बड़ी खुशी और त्योहारों पर इसके प्रोग्राम होते थे। मगर अब देश में चंद ही चारबैत पार्टियां बची हैं, जिन्होंने इस फन को भी बचा कर रखा है।

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