
भोपाल। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाए गए चीतों की मौतों के बाद अब उनकी सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार भी गंभीर हो गई है। एक सप्ताह के अंदर 2 चीतों की मौत के बाद अब कुल 8 चीतों की मौत से भारत के चीता प्रोजेक्ट पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि 'हम विशेषज्ञों के संपर्क में हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी शामिल हैं। हमारी टीम वहां का दौरा करेगी। उन्हें स्थानांतरित नहीं किया जाएगा और वे कूनो नेशनल पार्क में ही रहेंगे। मुझे उम्मीद है कि चीता परियोजना सफल होगी।
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एक सप्ताह में 2 चीतों की मौत आपको बता दें कि शुक्रवार को कूनो नेशनल पार्क में वन विभाग के अफसरों को एक और चीता मृत मिला। अधिकारियों को नर चीता सूरज जंगल मृत अवस्था में मिला। चीतों की मौतों से वन विभाग के अफसर बड़ी टेंशन से गुजर रहे हैं। कूनो में अब तक कुल 8 चीते मौत का शिकार हो चुके हैं। इनमें 5 वयस्क और 3 शावक चीते हैं। इनकी मौतों का कारण अब तक साफ नहीं हो सका है। इससे पहले 11 जुलाई को तेजस नामक चीते की मौत हुई थी। तेजस जब जंगल में मृत पाया गया तो उसके गले पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे। तेजस की मौत के बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो सामने आया था कि चीते को मेटिंग करने के दौरान चोट लगी थी। डॉक्टरों ने बताया था कि मेटिंग के दौरान एक अन्य चीता और तेजस के बीच झड़प के बाद ऐसा हुआ।
नामीबिया और साउथ अफ्रीका से लाए गए थे चीते
आपको बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनरोत्थान के लिए नामीबिया और साउथ अफ्रीका से 20 चीते लाए गए थे। लेकिन अलग-अलग कारणों से अब तक 5 वयस्क और 3 शावक दम तोड़ चुके हैं। कूनो में अब 15 वयस्क चीते और 1 शावक स्वस्थ है। इनमें से 12 चीतों को कूनो के खुले जंगल में छोड़ दिया गया है। वहीं 4 चीते और एक शावक को फिलहाल बड़े बाड़े में रखा गया है।
Updated on:
15 Jul 2023 05:14 pm
Published on:
15 Jul 2023 05:10 pm
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