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महाराष्ट्र के बाद अब छत्तीसगढ़ से लगी सीमाएं सील, CM ने कहा- जरूरत पड़ने पर लॉकडाउन भी लगेगा

अब छत्तीसगढ़ सीमा भी सील, 'जरूरत पड़ी तो फिर लगेगा लॉकडाउन', जानिये कोरोना के ताजा अपडेट।

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महाराष्ट्र के बाद अब छत्तीसगढ़ से लगी सीमाएं सील, CM ने कहा- जरूरत पड़ने पर लॉकडाउन भी लगेगा

भोपाल/ मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस की रफ्तार एक बार फिर बेकाबू हो गई है। शनिवार देर रात तक 3178 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई है। एक साथ इतने मरीजों की पुष्टि होने के बाद प्रदेश की संकर्मण दर 11 फीसदी पर आ पहुंची है। सूबे के 31 जिले ऐसे हैं, जहां कोरोना के 20 अधिक संक्रमितों की पुष्टि हुई है। इधर सरकार भी कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर लगातार समीक्षा कर रही है। सरकार की नजर खासतौर पर उन राज्यों पर है, जहां से प्रदेश में संक्रमण की एंट्री हो रही है। इसी के चलते महाराष्ट्र के बाद अब छत्तीसगढ़ से लगी मध्य प्रदेश की सीमाओं को भी सील कर दिया गया है। वहीं, सीएम शिवराज ने समीक्षा बैठक के दौरान सख्त फैसला लेते हुए कहा है कि, जहां कोरोना बेकाबू होगा, अब वहां लॉकडाउन भी लगाया जाएगा।

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जानिये संक्रमण के मौजूदा हालात

मध्य प्रदेश में संक्रमण के सबसे अधिक मामले इंदौर में सामने आ रहे हैं। यहां शनिवार रात तक 24 घंटों के भीतर कोरोना के 737 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं, भोपाल में 536, जबलपुर में 224 और ग्वालियर में 120 संक्रमित सामने आए हैं। जबकि, मौजूदा समय में प्रदेश में 20 हजार 369 एक्टिव केस हैं। हालांकि, सरकार की कोरोना एक्सपर्ट टीम का अनुमान है कि, अप्रैल के आखिर तक कोरोना अपने चरम पर पहुंच सकता है। इसके चलते सरकार एक बार फिर कोविड केयर सेंटर बनाने की तैयारी कर रही है।

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भोपाल के बाद अब इंदौर में भी होगा कोविड से मरने वालों का पोस्टमार्टम

दिल्ली एम्स और भोपाल एम्स के बाद इंदौर में भी कोविड से मरने वाले मरीजों के पोस्टमार्टम की स्वीकृति मिल गई है। एमजीएम मेडिकल काॅलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित के अनुसार, एथिकल कमेटी से इस प्रस्ताव को मंजूरी के बाद मेडिकल कॉलेज परिजन की सहमति लेकर शव का पोस्टमार्टम किया जा सकेगा। इससे इस बात की पुष्टि हो सकेगी कि, संक्रमण ने सबसे अधिक किस अंग को प्रभावित किया है, जो संक्रमित की मौत का कारण बना। हालांकि, अब तक की रिसर्च में सामने आया है कि, संक्रमण का सिकार होकर जान गंवाने वालों के फेफड़े पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं, किडनी पर प्रभावित होती है और खून के थक्के बनते हैं। पोस्टमार्टम के बाद और भी कई तथ्य सामने आ सकेंगे।

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