
नई दिल्ली/भोपाल. देश की 45 सीटों पर उपचुनाव सिंतबर के महीने में हो सकते हैं। Patrika Keynote Salon में चर्चा करते हुए देश के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि उपचुनाव तय सीमा में कराए लिए जाएं। उन्होंने कहा कि सितंबर के लास्ट तक देश की 45 सीटों पर हम उपचुनाव कराने के कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के बाद चुनाव आयोग को बिहार चुनाव को लेकर फोकस करना है।
PATRIKA KEYNOTE SALON में चर्चा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा- चुनाव प्रक्रिया समय पर हो यही हमारी मंशा है। उन्होंने कहा कि- अगर संवैधानिक स्थिति देखी जाए तो 6 महीने के अंदर चुनाव होने चाहिए और होते भी हैं। लेकिन अगर किसी विपरीत स्थिति में देखा जाए तो धारा 324 के तहत हम सरकारों बात भी करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आयोग की एक बैठक होने वाली है। इस बैठक मे हम कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे लेकिन चुनाव की तारीखों को लेकर कोई चर्चा नहीं होगी। हमारी पूरी कोशिश है कि उपचुनाव तय सीमा में ही हों।
देश की 45 सीटों पर होने हैं उपचुनाव
देश की 45 सीटें रिक्त हैं। वहीं, बात मध्यप्रदेश की करें तो मध्यप्रदेश की 26 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। कांग्रेस के 22 विधायकों ने मार्च में इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वो भाजपा में शामिल हो गए थे। मध्यप्रदेश की 22 रिक्त सीटों का समय सितंबर में पूरा हो रहा है। जबकि दो सीटों पर सात महीने का समय हो गया है।
देखिए वीडियो क्या कहा मुख्य चुनाव आयुक्त ने
दिंसबर में कांग्रेस विधायक का हुआ था निधन
जौरा से कांग्रेस विधायक वनवारी लाल शर्मा का निधन दिंसबर में हो गया था। उनके निधन के बाद से जौरा विधानसभा सीट खाली है वहीं, आगर मालवा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक के निधन के बाद सीट खाली है। हालांकि दोनों ही सीटें छह महीने से ज्यादा समय से खाली हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और लॉकडाउन के कारम इन सीटों पर उपचुनाव नहीं हो पाए थे। हालांकि दो सीटें इसी महीने रिक्त हुई हैं क्योंकि कांग्रेस के दो विधायकों ने जुलाई में विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया है।
Updated on:
20 Jul 2020 07:35 pm
Published on:
20 Jul 2020 01:28 pm
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