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दो घंटे बाद घर नहीं आए बच्चे, परिजनों ने गोल्ड लोन कंपनी के दफ्तर में की तोडफ़ोड़

शहर में संचालित आईआइएफएल गोल्ड लोन के दफ्तर में मंगलवार दोपहर उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई जब वहां का स्टॉफ कुछ बच्चों को बिना बताए ले आया।

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Beaua. Angry family members ransacked and broke into office and broke it down.

ब्यावरा. शहर में संचालित आईआइएफएल गोल्ड लोन के दफ्तर में मंगलवार दोपहर उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई जब वहां का स्टॉफ कुछ बच्चों को बिना बताए ले आया। परिजनों ने न सिर्फ हंगामा किया बल्कि वहां तोडफ़ोड़ भी कर डाली। काफी देर तक हुए हंगामे के बीच कांच का गेट तोड़ डाला और कुर्सियां, टेबल भी उथल-पुथल कर दीं।
दरअसल, पेंटिंग प्रतियोगिता के लिए लाए गए बच्चों के परिजनों को गोल्ड लोन के कर्मचारी जानकारी नहीं दे पाए। इस पर करीब दो घंटे तक परिजन परेशान हो गए और इधर-उधर ढूंढऩे लगे। बाद में पता चला तो आक्रोशित परिजनों ने दफ्तर में हंगामा कर दिया। गेट में तोडफ़ोड़ कर दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत किया। मौके पर मौजूद एक बच्चे की मां ने बताया कि कृष्णपुरा मार्ग मां सिंहवाहिनी मंदिर के पास एक बाइक सवार युवक आया और गृहिणियों से बोला कि एक पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई है जहां आपके बच्चे ले जाना है। इस पर वहां के करीब सात बच्चे उसके साथ चले गए। इस बीच महिलाओं ने न उससे स्कूल का पता पूछा न ही अन्य जगह का।

करीब डेढ़ घंटे तक भी बच्चे नहीं लौटे तो महिलाएं परेशान हुईं। शहर के तमाम स्कूलों पता किया लेकिन कहीं कोई स्पर्धा की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद परिजन भी हरकत मेंआए और बच्चों को ढूंढ़ते-ढूंढ़ते थाने पहुंच गए। काफी देर तक इधर-उधर घूमने के बाद मुराद गार्डन के पास कुछ लोग पहुंचे तो वहां पता चला कि आईआइएफएल गोल्ड लोन के दफ्तर में प्रतियोगिता चल रही है। परिजनों और उनके साथ मोहल्ले के कुछ लोग पहुंचे तो बच्चे वहीं सुरक्षित मिले, लेकिन करीब दो घंटे से शहर के तमाम स्कूल, कॉलेज, संस्थाओं को तलाशने के बाद भी सफलता नहीं मिलने से गुस्साए परिजनों ने वहां हंगामा कर दिया।

आईसीआइसीआई बैंक के ऊपर स्थित दफ्तर में घुसे गुस्साए लोगों ने तोडफ़ोड़ कर दी। कुसियां, टेबल भी उथल-पुथल कर डाली। उन्होंने स्टॉफ से कारण पूछा तो बोला कि उसने बच्चों की मां को बताया था। वहीं, बच्चों की मां ने कहा कि महज एक महिला से पूछकर वह बच्चों को ले गया। इसके बाद हम ढूंढते रहे लेकिन कोई नहीं मिला। परेशान महिलाएं और परिजन सिटी थाने पहुंचे, जहां शिकायत की और इधर-उधर अन्य लोग भी ढूंढऩे लगे।

बच्चों को देख भावुक हुए परिजन
मोहल्ले के करीब सात बच्चे अचानक गायब हो गए थे। इनमें से सृष्टि पिता टिंकू शाक्यवार (08), गौराक्ष पिता टिंकू शाक्यवार (06), मानू पिता बहादुर ठाकुर (10), कान्हा पिता बहादुर ठाकुर (08), सोनाक्षी पिता संतोष शाक्यवार (06), कुणाल पिता राजू शाक्यवार (09) और निखिल पिता गणेश शाक्यवार (06) चले गए थे। जैसे ही बच्चे गोल्ड लोन के दफ्तर में मिले तो परिजन भावुक हो गए। उनकी माताएं रोने लगीं। इससे पहले मोहल्ले में और घर के आस-पास भी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।