
Christian Society
भोपाल। ईसाई समाज के 40 दिवसीय उपवास बुधवार से शुरू हो गए। ईस्टर के पूर्व गुड फ्रायडे तक ईसाई समाज के लोग ये 40 दिन दुख भोग के रूप में मनाते है। इस दौरान लोग प्रार्थना, परहेज और उपवास के साथ समय व्यतित करते हैं और प्रभु यीशु के क्रूस पर दिए बलिदान को याद करते हैं। गुड फ्राय-डे के बाद प्रभु यीशु के पुर्नरूत्थान का पर्व ईस्टर मनाया जाता है।
बुधवार को राख बुधवार के साथ ही चालीस दिवसीय उपवास की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने माथे पर क्रॉस का चिह्न बनाकर गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना की। शहर के सभी कैथोलिक और प्रोटेस्टंट चर्चों में यह प्रार्थना आयोजित की गई। गुड फ्राय-डे 19 अप्रैल को मनाया जाएगा और ईस्टर 21 अप्रैल को होगा।
सेवा कार्य से जुड़ें
अरेरा कॉलोनी स्थित आशा निकेतन में आर्च बिशप डॉ लियो कार्नेलियो के सान्निध्य में प्रार्थना का आयोजन किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह 40 दिन काफी महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें हम पुण्य कार्य, गरीबों की सेवा कर प्रभु के और निकट जा सकते हैं। पीडि़त मानवता की सेवा के लिए सभी आगे आए। प्रार्थना, उपवास और सेवा कार्य से खुद को जोड़े। और अपने आप को प्रभु के अनुरूप बनाए। पुण्य कार्य करके ही हम जीवन को सार्थक कर सकते हैं।
चालीसा काल का प्रथम दिन होता है राख बुधवार
ईसाई समाज के लोगों के अनुसार राख बुधवार महत्वपूर्ण दिवस होता है। यह चालीसा काल का प्रथम दिन है। इस दिन गिरजाघरों में मिस्सा बलिदान के दौरान सभी लोगों के माथे पर खजूर की राख से क्रॉस का चिह्न अंकित किया जाता है, जो उस माटी का प्रतीक है, जिससे ईश्वर ने हमे गढ़ा है। राख उन खजूर की डालियों से बनाई जाती है, जो खजूर बीते वर्ष रविवार के दिन उपयोग में लाई जाती है।
प्रभु के बताए मार्ग पर चलने का संदेश
गोविंदपुरा स्थित सेंट जोंस चर्च में भी विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था। प्रोटेस्टेंट क्लर्जी के अध्यक्ष रेव्ह अनिल मार्टिन ने कहा कि प्रभु यीशु ने हमें त्याग और सेवा का संदेश दिया है। उन्होंने संपूर्ण जीवन पीडि़त मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया है। मनुष्य को भी अपना जीवन मानव सेवा में व्यतित करना चाहिए, और प्रभु यीशु के बताए मार्ग पर चलना चाहिए।
शहर के चर्चों में हुई विशेष प्रार्थना
शहर के सेंट फ्रांसिस चर्च जहांगीराबाद, सेवा सदन चर्च तुलसी नगर, इंफेस जीजस चर्च अयोध्या बायपास, शांति निकेतन अरेरा कॉलोनी सहित अन्य चर्चों में भी विशेष प्रार्थना का आयोजन किया गया।
Published on:
07 Mar 2019 04:01 am
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