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Rain In MP- इस साल पिछली बार की तुलना में 10 दिन में ही हो गई दोगुनी बारिश

- झमाझम बारिश में डूबा शहर: अभी दो दिन और ऐसा ही रहेगा मौसम, बाणगंगा में कुछ घरों को कराया गया खाली - दो दिन में 10 इंच बारिश: राजधानी की 40 फीसदी सड़कें जलमग्न, कॉलोनियां बनीं टापू

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भोपाल। दो दिन में रुक-रुककर हुई 10 इंच बारिश ने बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं। शहर की 40 फीसदी सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं। नालों का पानी इस कदर ओवर फ्लो हो गया है कि नया बसेरा बस्ती, झुग्गी और कॉलोनी की सड़कों पर लहरें उठ रही हैं। कटारा की तरफ अस्सी फीसदी कॉलोनी पानी से घिर गईं हैं, मल्टियों में नीचे पानी भर गया है।

रुचि लाइफ, जाटखेड़ी, मिसरोद, होशंगाबाद रोड स्थित नटराज सोसाइटी, दानिश कुंज, बावडिय़ाकला, कोलार, अशोका गार्डन से लेकर महामाई का बाग, पातरा नाला, संजय नगर नाला, साकेत नगर नाला कहर बरपा रहे हैं। बाणगंगा नाले के तेज बहाव के बीच झुग्गी बस्ती आ गईं हैं। लोगों के घर खाली कराए गए हैं। भोपाल टाकीज, प्रशासनिक अकादमी तक घुटनों घुटनों पानी भरा है।

पिछले दो सालों के मुकाबले इस बार शहर में जुलाई में झमाझम बारिश का दौर चल रहा है। पिछले दो सालों में जितनी बारिश जुलाई के पूरे महीने में दर्ज हुई थी, उससे ज्यादा बारिश इस बार एक जुलाई से अब तक हो चुकी है। अब तक 14 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि 2020 में जुलाई में 6 इंच तो 2021 में 8 इंच बारिश ही हो पाई थी।

राजधानी में रविवार की मध्यरात्रि के बाद शुरू हुआ बारिश का दौर सोमवार दोपहर तक जारी रहा। सुबह जैसे ही लोग नींद से जागे, शहर में गरज चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर चल रहा था। बारिश इतनी तेज थी कि विजिबिलिटी भी आधी रह गई थी। सुबह साढ़े पांच बजे बिजिबिलिटी डेढ़ किमी, साढ़े सात बजे दो किमी और 8:30 बजे डेढ़ किमी थी। इसके बाद दोपहर में बारिश थमने के बाद ही विजिबलिटी बढ़ पाई। आलम यह था कि तेज बारिश, सड़कों पर घुटनों तक पानी और बिजिबिलिटी कम होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

खानापूर्ति: सात कॉलोनाइजर्स को नोटिस
कटारा हिल्स क्षेत्र में स्वर्ण कुंज, नंद विहार, सिल्वर वर्टिका, स्प्रिंग वैली, प्राईड सिटी, पाइनवुड, अमलतास को कटारा क्षेत्र में जलभराव के लिए जिम्मेदार माना गया है। निगमायुक्त केवीएस चौधरी ने निरीक्षण किया तो इनमें बाहरी भाग में कोई विकास काम नहीं दिखा।। ऐसे में निगमायुक्त ने कॉलोनाइजर्स को नोटिस जारी किया है। कॉलोनियों ने पानी का रास्ता रोका हुआ था। खुद का ड्रेनेज सिस्टम विकसित नहीं किया। मामले में अगले तीन दिन में जवाब देना है। निगम प्रशासन अब क्षेत्रवार इस तरह की स्थितियां बनाने वाली कॉलोनियों की पड़ताल कर नोटिस जारी कर रहा है।

बारिश से उधड़ी शहर की सड़कें
बरसात से पूर्व ही शहर की अस्सी किमी सड़कें दुरुस्त नहीं हो सकी थीं, लेकिन दो दिन की बरसात ने 60 से 70 किमी लंबी सड़कों को और उधेड़ कर रख दिया। अभी सड़कों पर पानी जमा है, उतरने के बाद पता चलेगा कितनी सड़कें और टूट गईं। क्योंकि अधिकांश गली और मोहल्ले में पानी भरा है। रंगमहल जहां पर जलभराव नहीं होता, इस बरसात में वहां की सड़क भी दम तोड़ चुकी है।

दो दिन में 23 स्थानों पर गिरे बड़े पेड़
पिछले दो दिन से हो रही बारिश में अब तक 23 बड़े पेड़ गिर चुके हैं। सोमवार को लालघाटी, जय नगर, अयोध्या नगर, डी सेक्टर, एकता नगर पुराना सचिवालय, तुलसी नगर सेकंड स्टॉप सहित 23 स्थानों पर पेड़ गिरे हैं। अभी कुछ और पेड़ भी धराशायी होने की स्थिति में हैं।

वार्ड 39 में उलीचना पड़ा पानी
शहर में जलभराव से सबसे अधिक परेशानी वार्ड 39 में रही। यहां लोगों के घरों में दो से ढाई फीट पानी जमा हो गया। बाल्टी से पानी निकालना पड़ रहा है। भाजपा की महापौर प्रत्याशी मालती राय इसी वार्ड की है।

48 घंटे मुसीबत के:- जोरदार होगी बरसात
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल दो तीन दिन मौसम का मिजाज इसी तरह रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आगामी 48 घंटे में गरज चमक के साथ बिजली चमकने, बिजली गिरने की आशंका है, साथ ही 64.5 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

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