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कैबिनेट विस्तार: कमलनाथ कैबिनेट में इन नेताओं को मिल सकती है जगह, कई मंत्रियों के विभागों में कटौती

दिल्ली में सोनिया गांधी और सीएम कमलनाथ की बैठक के बाद फैसला कांग्रेस को समर्थन दे रहे विधायकों को मिल सकता है मौका

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भोपाल

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Pawan Tiwari

Oct 30, 2019

कैबिनेट विस्तार: कमलनाथ कैबिनेट में इन विधायकों को मिल सकती है जगह, कई मंत्रियों के विभागों में कटौती

कैबिनेट विस्तार: कमलनाथ कैबिनेट में इन विधायकों को मिल सकती है जगह, कई मंत्रियों के विभागों में कटौती

भोपाल. झाबुआ उपचुनाव में जीत के बाद कमलनाथ कैबिनेट में फेरबदल संभव है। सीएम कमल नाथ अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं, लेकिन कैबिनेट विस्तार का अंतिम फैसला कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और कमलनाथ की 4 नवंबर को होने वाली बैठक में तय होगा। सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश में 5 राज्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। कमल नाथ की कैबिनेट में अभी 28 मंत्री हैं और वो सभी कैबिनेट मंत्री हैं। वहीं, कांतिलाल भूरिया की भूमिका को लेकर संशय बना हुआ है।

इन विधायकों को मिल सकता है मौका
कमलनाथ कैबिनेट में फेरबदल होता है तो कई मंत्रियों के विभागों में कटौती की जा सकती है तो कई नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह ठाकुर, केदार डाबर, विक्रम सिंह राणा, समाजवादी पार्टी के विधायक राजेश शुक्ला, बसपा के संजीव कुशवाहा और रामबाई अभी सरकार को समर्थन दे रहे हैं। माना जा रहा है कि इनमें से किसी को मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं, कांग्रेस विधायकों की बात करें तो केपी सिंह, एंदल सिंह कंसाना और राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव को कमलनाथ कैबिनेट में मंत्रालय मिल सकता है।

रामबाई और सुरेन्द्र सिंह कर रहे हैं मांग
बता दें कि निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह और बसपा विधायक रामबाई लंबे समय से मंत्रिमंडल में जगह को लेकर मांग कर रही हैं। इन विधायकों ने कई बार सरकार पर दबाव बनाने की भी कोशिश की है।

इन मंत्रियों के विभागों में हो सकती है कटौती
कमलनाथ अपने मौजूदा कैबिनेट मंत्री के विभागों में कटौती भी कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि जिन मंत्रियों के पास दो या तीन विभागों की जिम्मेदारी है उनके विभागों में कटौती की जा सकती है। वहीं, कुछ मंत्रियों के पास बेमेल विभाग हैं उन में भी कटौती की जा सकती है। विजयलक्ष्मी साधौ के पास संस्कृति और चिकित्सा विभाग है। सज्जन सिंह वर्मा के पास लोक निर्माण विभाग के साथ पर्यावरण, बाला बच्चन के पास गृह के साथ साथ जेल और तकनीकी शिक्षा का मंत्रालय है वहीं, गोविंद सिंह राजपूत के पास परिवहन के साथ राजस्व विभाग है। ऐसे मंत्रियों के विभागों में कटौती की जा सकती है।