
CM Mohan Yadav Major Statement on 33 Percent Women Reservation (फोटो- सीएम मोहन यादव सोशल मीडिया)
Women Reservation:मध्य प्रदेश में आज का दिन महिलाओं के नाम रहा। बुधवार को भोपाल के रविंद्र भवन में 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' (Nari Shakti Vandan Sammelan) का आयोजन किया गया। आयोजन में सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) शामिल हुए।कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि चारों ओर महिलाओं के सशक्तिकरण की बात हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने जा रहा है। कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकंडरी परीक्षा में संयुक्त टॉपर भोपाल की खुशी राय-चांदनी विश्वकर्मा और हाई स्कूल परीक्षा की टॉपर पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी को सम्मानित भी किया। (MP news)
कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश रानी दुर्गावती की धरती है। राज्य सरकार ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई। उनकी शासन व्यवस्था में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बलबूते मुगल सत्ता के दौर में काशी में बाबा विश्वनाथ का धाम बनाया। उन्होंने कहा कि सभी तीर्थ स्थलों पर अन्न क्षेत्र और यात्रियों के रुकने की व्यवस्था कराई। जब शासन के सूत्र बहनों के हाथ में आते हैं तो कितने प्रकार से कार्य किए जा सकते हैं, ऐसे कई उत्कृष्ट उदाहरण सामने आते हैं।
सीएम ने कहा कि आज देश के राष्ट्रपति का पद द्रोपदी मुर्मू संभाल रही हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों में बहनों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। जब देश की विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विषय आएगा तो पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी याद करना होग। कल 16 अप्रैल महिला सशक्तिकरण की मंगलमयी तारीख होगी। देश में होली-दीवाली एक साथ मनेगी।
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि यह सम्मेलन एक विचार यात्रा है। इस पर विचार करना होगा कि नारी शक्ति अधिनियम कैसे देश की महिला शक्ति को और अधिक सशक्त करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि महिला आरक्षण का यह सफर आसान नहीं रहा। यह विधेयक 1996 और 1999 में पारित नहीं हो सका। इसे फिर 2008 में पेश किया गया। वर्ष 2010 में तो यह राज्यसभा में पारित हो गया, लेकिन लोकसभा में अटक गया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन विधेयक सितंबर-2023 में संसद में पेश किया गया।
मंत्री गौर ने आगे कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए इस प्रकार के अधिनियम की जरूरत थी। आज लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या मात्र 14 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश में मात्र 27 बहनें चुनकर आईं, जो कुल सीटों का 11 प्रतिशत हैं। आज भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व सीमित है।
शिक्षाविद शोभा पेठणकर ने कहा कि जहां नारी का वास होता है, वहां भगवान निवास करते हैं। हम भारत की नारी हैं, फूल और चिंगारी हैं। उन्होंने कहा कि हम परिवार के केंद्र बिंदु हैं। जब समय आता है तो हम संघर्ष करते हुए चिंगारी बनती हैं। परिस्थिति के कारण महिलाएं थोड़ा पिछड़ गई थीं। जनवरी में सावित्री बाई फुले के जयंती मनाई। उन्होंने नारा दिया था कि बिना विद्या यह मति नहीं और बिना मति गति नहीं और बिना गति वित्त नहीं, और बिना विद्या के कितना अनर्थ है। उन्होंने देश की नारियों को शिक्षा का मार्ग दिखाया है। माता अपनी बेटे को सब प्रकार से संस्कारित करेंगी, इसका उदाहरण जीजा बाई (छत्रपति शिवाजी महाराज की माताजी) हैं। (MP news)
Published on:
15 Apr 2026 08:52 pm
