
एमपी के किसानों को विदेशों की सैर कराने का सीएम मोहन यादव का ऐलान Demo Pic (Photo Source- patrika)
MP Farmers- मध्यप्रदेश में 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। राज्य सरकार ने "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" का नारा देकर किसानों की आर्थिक उन्नति का लक्ष्य तय किया है। कृषि वर्ष-2026 के अंतर्गत किसानों के लिए सरकार की सभी गतिविधियां 3 साल का लक्ष्य निर्धारित कर संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को कृषि और इससे जुड़े विषयों से संबंधित विभागों द्वारा तैयार की गई कार्य योजना की समीक्षा की। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रदेश के किसानों को विदेशों की सैर कराने की बात कही। सीएम मोहन यादव ने किसानों को देश के उन्नत कृषि राज्यों और इजराइल तथा ब्राजील जैसे देशों में ले जाने के निर्देश दिए। इससे प्रदेश के किसान भी कृषि के क्षेत्र में नवाचार करने प्रेरित हो सकेंगे। नवाचारों से लागत कम होगी जिससे उनकी आमदनी भी बढ़ेगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि और रोजगार सृजन पर प्रमुखता से ध्यान दिया जाए। इसके लिए खेती का यंत्रीकरण, किसानों की क्षमता विकास के लिए प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रम, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, उद्यानिकी विस्तार, एफपीओ निर्माण आधारित गतिविधियों को प्रमुखता देने को कहा।
प्रदेश के किसानों को सस्ती ब्याज दरों पर कर्ज देने, माइक्रो इरीगेशन, बेहतर बाजार नेटवर्क, किसानों को उनके उत्पाद का वाजिब मूल्य दिलवाने, पशुपालन तथा मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने के प्रयास करने को भी कहा गया है। मुख्यमंत्री ने जलवायु के अनुकूल कृषि प्रबंधन, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, श्रीअन्न उत्पादन के प्रोत्साहन और जैव विविधता तथा परम्परागत कृषि ज्ञान के संरक्षण और प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि में नवाचारों पर विशेष बल दिया। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों से किसानों को उन्नत कृषि राज्यों और देशों की यात्रा कराने को कहा। सीएम मोहन यादव ने कृषि तथा संबद्ध क्षेत्रों में देश के अन्य राज्यों में हो रहे सफल नवाचारों की जानकारी से किसानों को रू-ब-रू कराने को कहा। इसके साथ ही किसानों को कृषि में उन्नत राज्यों और इजराइल तथा ब्राजील जैसे कृषि के क्षेत्र में नवाचार करने वाले देशों की यात्रा कराने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में फूलों की खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भोपाल में होने वाले गुलाब महोत्सव को पुष्प महोत्सव के रूप में आयोजित किया जाए। इसमें प्रदेशभर में उत्पादित होने वाले अन्य फूलों को भी शामिल किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष-2028 का "इंटरनेशनल रोज़ कॉम्पीटिशन" भोपाल में प्रस्तावित है। यह भी बताया गया कि सिंहस्थ : 2028 को देखते हुए उज्जैन जिले के 100 एकड़ क्षेत्र में फूलों की खेती को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशेाक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव डीपी आहूजा, प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास निशांत वरवड़े सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कृषि वर्ष-2026 के अंतर्गत राज्य में होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी प्रस्तुत की गई।
नर्मदापुरम में कृषि आधारित कौशल विकास और कस्टम हायरिंग केंद्रों का राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन।
मंदसौर में सोयाबीन भावांतर भुगतान समापन तथा सोयाबीन के साथ मूंगफली और सरसों को योजना में शामिल करने के लिए भावांतर योजना विस्तार कार्यक्रम।
भोपाल में गुलाब महोत्सव जिसमें पुष्प उत्पादक, निर्यातक और विशेषज्ञ शामिल होंगे।
Updated on:
03 Jan 2026 08:59 pm
Published on:
03 Jan 2026 08:57 pm
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