
डीपीआई दे रहा फॉर्मूले पर फॉर्मूले... अब नवनियुक्त शिक्षकों से भरे जाएंगे सीएम राइज स्कूलों में पद
भोपाल. सीएम राइज योजना के तहत पहले चरण में खोले गए 370 स्कूलों (स्कूल शिक्षा विभाग 275 और जनजातीय कार्य विभाग 95) में शिक्षकों की नियुक्ति अब किसी भी तरह से करने के लिए तरह-तरह के फॉर्मूले और विकल्प तलाशे जा रहे हैं। इस चुनौती का समाधान निकालने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग अब पूर्व में तय किए गए नियम-कायदे भी ताक पर रखने में गुरेज नहीं कर रहा है। इसी कड़ी में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने 8 जुलाई को निर्देश जारी किए हैं कि 275 सीएम राइज विद्यालयों में खाली पदों को अब नवनियुक्त उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षकों से भरा जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी च्वॉइस फिलिंग से ही की जाएगी।
पदस्थापना पात्रता परीक्षा की मेरिट के आधार पर
मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 से चयनित और नवनियुक्त शिक्षकों की सीएम राइज स्कूलों में पदस्थापना के लिए 8 से 13 जुलाई के बीच विमर्श पोर्टल पर प्रक्रिया की जाएगी। पोर्टल पर विद्यालयों में विषयवार खाली पदों की जानकारी देखकर आवेदन करना है। डीपीआई इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। इसलिए निर्देश में स्पष्ट किया है कि उक्त विद्यालयों में काम करने के इच्छुक होने पर ही विकल्प चयन यानी च्वॉइस फिलिंग की प्रक्रिया में शामिल होना है। च्वॉइस फिलिंग के आधार पर पदस्थापना का दावा नहीं किया जा सकता, उसके लिए पात्रता परीक्षा की मेरिट रैंक को लागू किया जाएगा। ये भी नोट डाला गया है कि रिक्त पदों की संख्या परिवर्तनशील है यानी कम ज्यादा हो सकती है। या बदल सकती है।
करीब 300 पद खाली हैं, जिन पर नियुक्ति करने की चुनौती
चयन परीक्षा की मेरिट और च्वॉइस फिलिंग के विरुद्ध पदस्थापना के चलते करीब 300 उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षकों ने ज्वॉइनिंग देने से इनकार कर दिया था। इस संबंध में इन शिक्षकों लोक शिक्षण आयुक्त को अपना आवदेन दिया था तो करीब 50 से अधिक ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जिस पर उन्हें स्टे मिला। इसके बाद विभाग ने 5 जुलाई को करीब 130 शिक्षकों के नियुक्ति आदेश निरस्त करने के साथ ही इनकी पदस्थापना मूल विद्यालय में ही रखने के निर्देश दिए। इनमें सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, हिन्दी, गणित, अंग्रेजी समेत कई विषयों के व्याख्याता, यूटीडी, उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षक शामिल हैं।
करीब 20 जिलों के शिक्षकों को मिली थी राहत
मंगलवार का आदेश उन शिक्षकों के लिए था, जिनकी पदस्थापना 26 मई को की गई थी। इनमें भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, देवास, दमोह, छतरपुर, दतिया, देवास, उज्जैन, बालाघाट, टीकमगढ़, नरसिंहपुर, भिण्ड जैसे करीब 20 जिलों के शिक्षकों को राहत मिली थी।
Published on:
08 Jul 2022 11:02 pm
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