1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बड़ा ऐलानः अतिथि शिक्षकों का मानदेय दोगुना, नियमित भी किए जाएंगे

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित अतिथि शिक्षकों के कार्यक्रम में बड़ा ऐलान किया...।

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

Sep 02, 2023

shivra1.png

मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों का मानदेय दोगुना करने का ऐलान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है। अब उन्हें पीरियड के मुताबिक नहीं, हर महिने के हिसाब से फिक्स सैलरी दी जाएगी। एमपी के 70 हजार अतिथि शिक्षकों को इसका फायदा मिलेगा।

मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों के लिए यह शनिवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने यह बड़ा ऐलान कर दिया। सीएम ने यह ऐलान लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित अतिथि शिक्षकों के कार्यक्रम में किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब महीने के हिसाब से फिक्स मानदेय दिया जाएगा। सभी अतिथि शिक्षकों को अब दोगुना मानदेय देंगे। अभी तक पीरियड के मुताबिक मानदेय देने की व्यवस्था थी, जिसे बदला जा रहा है। इसका लाभ 68 हजार अतिथि शिक्षकों को दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ग 1 के अतिथि शिक्षकों को 9 हजार की जगह 18 हजार रुपए दिए जाएंगे। वर्ग 2 के शिक्षकों को 7 हजार से सीधे 14 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसी तरह वर्ग 3 के शिक्षकों को 5 हजार रुपए की जगह अब 10 हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा। यह मानदेय कालखंड के हिसाब से नहीं देकर महीने के हिसाब से दिया जाएगा।

शिवराज सिंह ने कहा कि शिक्षक भर्ती में अतिथि शिक्षकों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। गुरुजियों की तरह पात्रता परीक्षा लेकर सभी को नियमित भी किया जाएगा।

सम्मेलन की खास बातें

0-अब कोई गैप नहीं होगा। एक साल के लिए पूरा अनुबंध किया जाएगा।
0-अतिथि शिक्षकों का 25 फीसदी आरक्षण था, उसे 50 फीसदी किया जा रहा है।
सभी घोषणाएं तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
0-हर माह की पहली तारीख को वेतन मानदेय दिया जाएगा, ताकी किसी को भटकना नहीं पड़ेगा।
0-जिस प्रकार पात्रता परीक्षा द्वारा शिक्षक नियमित किए जाते हैं, उसी तरह अतिथि शिक्षकों को भी नियमित किया जाएगा।

कांग्रेस की सरकार पर तंज

सीएम ने अपने संबोधन में पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने शिक्षा की व्यवस्था ठीक करने में कभी ठोस कदम नहीं उठाया। गुरुजी, शिक्षाकर्मी और बाद में अतिथि शिक्षक फंस गए थे। चौहान ने कहा कि मैं आपके योगदान को कभी नहीं भुला सकता। जब नियमित शिक्षक नहीं थे, तब अतिथि शिक्षकों के रूप में आपको पढ़ाने का दायित्व सौंपा. आप सभी ने निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। आपने शिक्षा की गाड़ी को आगे बढ़ाया।

Story Loader