
भोपाल। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद में परिवर्तनों को लेकर चल रही अटकलों को सीएम शिवराजसिंह चौहान ने गलत बताते हुए इस पर विराम लगा दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन अटकलों का खंडन करते हुए कहा है कि नंदकुमार सिंह चौहान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे। इस तरह की खबरों को सीएम ने निराधार व निर्मूल बताया है।
यह है मामला...
शनिवार को आ रही खबरों में कहा गया था कि मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान की रवानगी तय मानी जा रही है। उज्जैन में RSS प्रमुख मोहन भागवत, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच गुप्त मंत्रणा के बाद इस बात के संकेत मिले।
तीनों दिग्गजों के बीच हुई गुप्त बैठक को बड़ा अहम माना जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा था कि इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में बड़ा फेरबदल, मंत्रिमंडल विस्तार समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। जिसके तहत आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान की जगह नए अध्यक्ष की घोषणा की जा सकती है।
चुनाव 2018 की तैयारी
दरअसल सूत्रों का कहना था कि भाजपा हाईकमान की नजर अब मध्यप्रदेश और उन राज्यों पर है, जहां चुनाव होने वाले हैं। सभी राज्यों में अब चुनावी रणनीति के मुताबिक ही संगठन का चेहरा तैयार किया जाएगा।
मध्यप्रदेश के बड़े नेता चाहते हैं कि वे प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान के नेतृत्व में ही चुनाव हो, लेकिन पार्टी का ही एक वर्ग और हाईकमान खुद चाहता है कि अगला चुनाव किसी ऊर्जावान नेता के नेतृत्व में लड़ा जाए।
अंतर्कलह से हुई भाजपा की किरकिरी
नंदकुमार सिंह चौहान को बदलने की सुगबुगाहट इसलिए भी रही क्योंकि पार्टी में काफी समय से खींचतान और अंतर्कलह बढ़ गई है। इससे संगठन कमजोर ही हुआ है। इसके अलावा कई बार चौहान का विवादास्पद बयान भी आने से संगठन की किरकिरी ही हुई है। इन्हीं वजहों से भाजपा को हाल ही में हुए अटेर और चित्रकूट चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है।
ये माने जा रहे थे उत्तराधिकारी
प्रदेश अध्यक्ष चौहान के स्थान पर कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और कैलाश विजयवर्गीय का नाम चर्चाओं में रहा। ऐसे में ये बातें भी सामने आ रही थीं कि पिछले साल उत्तरप्रदेश और गुजरात चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नरोत्तम मिश्र और भरोसेमंद भूपेंद्र सिंह को भी संगठन प्रमुख बनने की संभावना दिखी।
इसके अलावा यह भी बात सामने आ रही थी कि पार्टी के कुछ नेताओं की मांग चली तो केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को फिर से प्रदेश भाजपा में वापस बुलाया जा सकता है। तोमर दो बार मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं। 2008 और 2013 के चुनाव तोमर के कार्यकाल में ही हुए थे। इसके अलावा विजयवर्गीय की वापसी की चर्चा भी चल रही थी।
Published on:
07 Jan 2018 03:05 pm
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