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बड़ी खबर: खतरे में आई इन कलेक्टर्स की कुर्सी! जानिये किस बात का सता रहा है डर?

ऐसे कलेक्टर/डीएम को हटाने के संकेत जो...

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भोपाल। मध्यप्रदेश में कार्यरत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के कई अधिकारियों को इन दिनों कुर्सी जाने का डर सता रहा है!इसके पीछे पीएम मोदी का वह भाषण माना जा रहा है जहां उन्होंने कहा था कि ज्यादा उम्र के डीएम विकास में बाधक हैं।

वहीं जानकारों के अनुसार चुंकि मप्र के सीएम शिवराज सिंह, पीएम मोदी की मंशा का पालन करने वालों में हमेशा अव्वल रहते हैं। ऐसे में वे इस पर भी जल्द ही अमल कर सकते हैं।

दरअसल भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 40 वर्ष से अधिक आयु वाले अफसरों पर इन दिनों संकट के बादल घिर गए हैं।

ऐसे में कहा जा रहा है कि उनके पास से वो सारी जिम्मेदारियां छीन लीं जाएंगी जो विकास से जुड़ी होतीं हैं। इसके साथ ही कम से कम उन्हें जिलों का कलेक्टर या डीएम तो नहीं ही बनाया जाएगा।

जानकारी के अनुसार पिछले दिन पीएम मोदी ने इस संदर्भ में संकेत दिए हैं। वहीं माना जा रहा है कि जल्द ही भाजपा शासित 20 राज्यों मेें इसका असर देखा जा सकता है।

जानकारों के अनुसार मप्र के सीएम शिवराज सिंह, पीएम मोदी की मंशा का पालन करने वालों में हमेशा अव्वल रहते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस योजना पर भी वे ही सबसे पहले अमल करके दिखाएंगे।

सामने आ रही जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनप्रतिनिधि सम्मेलन में भाषण दिया।

यहां पीएम मोदी ने कहा कि सामाजिक न्याय के तहत सबको बराबरी मिलनी चाहिए। इस दौरान देश के 101 पिछड़े जिलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। देश के विकास के लिए विधायक-सांसदों का शुरू हुआ यह सम्मेलन दो दिन तक चलेगा। जानकारी के अनुसार मप्र के 8 जिले पिछड़े जिलों में आते हैं।

यहां पीएम मोदी ने कहा कि बराबरी के लिए सभी जिलों का विकास होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमने जिलों के विकास के लिए 115 जिलों के डीएम को बुलाया और उनसे बात की। उन्होंने कहा कि ज्यादा उम्र के डीएम विकास में बाधक हैं।

विकास के लिए युवा अफसरों को प्रोत्साहित करना होगा। विकास के लिए अफसर और जनप्रतिनिधि साथ आएं।

मध्यप्रदेश के ये कलेक्टर हैं 50 पार...
मप्र में 51 में से 18 जिले ऐसे हैं, जहां 50 साल से ज्यादा उम्र के कलेक्टर हैं। पिछड़े 8 में से 4 जिले ऐसे हैं, जिनकी कमान 50 से ज्यादा उम्र के आईएएस अफसरों के हाथ है। छतरपुर में रमेश भंडारी कलेक्टर हैं, उनकी उम्र 59 साल है।

गुना कलेक्टर राजेश जैन की उम्र 57 साल है। दमोह कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा की उम्र 55 और विदिशा कलेक्टर अनिल सुुचारी की उम्र 50 के पार है। ये सभी अफसर प्रमोटी आईएएस हैं। मप्र के दमोह, विदिशा, खंडवा, राजगढ़, बड़वानी, सिंगरौली, गुना व छतरपुर जिले पिछड़े जिलों में से हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछड़े जिलों में से करीब 80 प्रतिशत जिलाधिकारी 40 से अधिक उम्र के थे और कई प्रमोटी थे। इस उम्र में परिवार की चिंता आदि होने से अधिकारियों में काम का जज्बा नहीं रह जाता है।

उन्होंने इस पर चिंता जताई कि देश मानव विकास सूचकांक में 130वें पायदान पर है। उन्होंने कहा कि 115 पिछड़े जिलों में से 30 से 35 नक्सल प्रभावित हैं। इन जिलों का विकास होने से मानव विकास सूचकांक में भारत की स्थिति सुधर जाएगी। बाकी का अासानी से विकास संभव है।

पीएम मोदी ने विकास के लिए नौजवान अफसरों पर ज्यादा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर जिलों में 40 साल से ऊपर के डीएम मौजूद हैं। लेकिन युवा अफसरों में चुनौतियों को स्वीकार करने की क्षमता ज्यादा होती है।

विकास को प्रभावित करने वाले कारणों की पहचान करना जरूरी है। इसके बाद समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि अफसरों का सहयोग करें।

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