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युद्ध का असर: कमर्शियल LPG सिलेंडर ‘195 रुपये’ महंगा, कीमतें 2 हजार पार

Commercial cylinder: राजधानी में 2000 से ऊपर छोटे-बड़े होटल, रेस्टॉरेंट, ढाबे, वेंडर्स है, जिन पर अब इस महंगाई का सीधा असर होगा।

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Commercial LPG Cylinders

Commercial LPG Cylinders (Photo Source - Patrika)

Commercial cylinder: एक अप्रेल से कमर्शियल सिलेंडर के दामों में वृद्धि हो गई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 195 रुपए बढ़ा दिए हैं, जो सिलेंडर शहर में एक दिन पहले तक 1888 रुपए में बमुश्किल उपलब्ध हो रहा था, उसके दाम अब 2081 रुपए हो गए हैं। हालांकि शहर में बीते एक महीने से घरेलू गैस सिलेंडरों को लेकर मची अफरा-तफरी अब थोड़ी कम होती नजर आ रही है। बुधवार को घरेलू गैस बुकिंग के मुकाबले वेटिंग दस हजार तक पहुंच गई। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि मांग और आपूर्ति में लगातार संतुलन आता जा रहा है।

2000 होटल और रेस्टोरेंट पर असर

राजधानी में 2000 से ऊपर छोटे-बड़े होटल, रेस्टॉरेंट, ढाबे, वेंडर्स है, जिन पर अब इस महंगाई का सीधा असर होगा। इसके साथ ही हॉस्टल, अस्पतालों में चलने वाली कैंटीन के संचालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। कारोबारियों का कहना है, बीते करीब एक माह से कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता सही तरीके से नहीं हो पा रही थी, अब सिलेंडर और महंगा होने से कारोबार प्रभावित होगा। डीजल, इलेक्ट्रिक भट्टियां भी अब महंगी पड़ रही है।

घरेलू सिलेंडर की कीमतें स्थिर

हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। राजधानी में इसके दाम 918 रुपए पर ही स्थिर हैं।

शादी वाले घरों में परेशानी

इसी माह 15 अप्रेल से वैवाहिक मुहूर्त है। एक मोटे के अनुमान के मुताबिक, एक शादी में दस सिलेंडरों का उपयोग होगा। प्रदेश में 50 हजार से अधिक कैटरर्स है। इस हिसाब से 2.50 लाख के आसपास सिलेंडरों का उपयोग होगा। चूंकि 15 अप्रैल से लगातार शादियों के मुहूर्त है।

टेंट एवं कैटरर्स कारोबारी योगेश श्रीवास्तव कहते हैं कि जो वैवाहिक आर्डर लिए है, सिलेंडर की कमी और महंगा होने से उन्हें जवाब देना मुश्किल हो रहा है। कैसे ऑर्डर पूरा करेंगे, समझ में नहीं आ रहा। होटल-रेस्टोरेंट कारोबारी मुरली हरवानी कहते हैं कि कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे, अधिकारी वैकल्पिक ऊर्जा का उपयोग करने की बात कह रहे हैं। डीजल कैन में नहीं दिया जा रहा। पैकिंग मटेरियल 40 फीसदी महंगा हो गया है।

कमर्शियल सिलेंडर पहले से ही ही नहीं मिल रहा। अब रेट बढ़ने से हमारे व्यवसायियों की मुश्किलें और बढ़ेगी। अब कैसे काम करें, समझ से परे होता जा रहा है। - तेजकुल पाल सिंह पाली, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टॉरेंट एसोसिएशन, भोपाल

शादियों का सीजन सामने है। जिन घरों में कैटरर्स, लाइट जैसी जरूरी कर दी है। अब सिलेंडर नहीं मिलेगा तो ऑर्डर कैसे पूरे कर पाएंगे। शादिया हैं, उन्होंने टेंट, आवश्यकताओं की बुकिंग कर दी है। अब सिलेंडर नहीं मिलेगा तो ऑर्डर कैसे पूरे कर पाएंगे। - रिंकू भटेजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ एमपी टेंट एसोसिएशन