
निजी स्कूलों में ट्यूशन फीस को लेकर असमंजस की स्थिति
भोपाल। निजी स्कूलों में ट्यूटर फीस वसूली को लेकर अभी तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की दो बार बैठक हो चुकी है, लेकिन इस पर कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।
हालांकि स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की संख्या और उनमें पढ़ाने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट तैयार कर ली है, लॉक डाउन समाप्त होने के बाद इसे सरकार के सामने रखा जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक और चर्चा के दौरान यह बात सामने आई है कि अगर स्कूलों में फीस वसूल नहीं होगी तो ज्यादातर स्कूलों में शिक्षकों के वेतन रुक सकते हैं। निजी स्कूलों में करीब दो लाख शिक्षक पढ़ा रहे हैं। इससे सरकार के सामने बेरोजगारी की स्थिति पैदा हो जाएंगे। स्कूलों को अगर सरकार किसी तरह की राहत पैकेज देती है तो स्कूलों पर फीस नहीं लेने के लिए दबाव बनाया जा सकता है। बताया जाता है कि चर्चा में यह बात भी निकलकर सामने आई है कि बस फीस सहित अन्य फीस की वसूली पर रोक लगाया जा सकता है, इससे स्कूलों को ज्यादा दिक्कत भी नहीं होगी।
तीन कलेंडर बनाने के निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को तीन तरह के कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए हैं। इसमें पहला एक जून से स्कूल खोलने, दूसरा जुलाई से और इसके बाद स्कूल खोलने जाने के अनुसार शिक्षकीय कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने यह भी कहा है कि कैलेंडर बनाते समय इस बात का ध्यान रहे कि जिससे 210 से लेकर 230 दिन के लिए शिक्षकीय दिवस में पढ़ाई कराना अनिवार्य है। अगर इससे कम समय बच्चों को पढ़ाने के लिए मिलता है तो स्कूलों के खुलने का टाइम बढऩे और अवकाशों में कटौती की जाए। यह कैलेंडर तैयार कर अधिकारी सरकार को 25 अप्रैल के बाद सौंपेंगे।
Published on:
19 Apr 2020 04:04 am
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