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मतदान से चंद दिन पहले हुए इस खुलासे से टेंशन में आई सरकार! कांग्रेस ने किया बड़ा हमला

कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की थी फर्जी वोटर लिस्ट की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह से शिकायत...

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arun yadav

भोपाल@दीपेश अवस्थी की रिपोर्ट...

फर्जी वोटर लिस्ट मामले में अशोक नगर के कलेक्टर को हटाए जाने के बाद कांग्रेस की ओर से भाजपा पर एक और बड़ा हमला किया गया है। यह हमला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव की ओर से किया गया है।

उन्होंने ट्विटर के माध्यम से भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि फर्जी वोटर लिस्ट मामले में केवल एक-दो जिले ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश चपेट में है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में पूरे प्रदेश की मतदाता सूचियों की जांच करेगी।

ये लगाए आरोप...
अरुण यादव ने अपने ट्विट में लिखा है कि 'सिर्फ कोलारस एवं मुंगावली विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं, पूरे प्रदेश में भाजपा सरकार ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की है,आने वाले समय में कांग्रेस पूरे प्रदेश की मतदाता सूचियों की जांच करेगी।

ऐसे पकड़ में आया मामला...
चुनाव आयोग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंगावली की फर्जी वोटर लिस्ट मामले में अशोक नगर कलेक्टर बाबू सिंह जामोद को हटा दिया है। अब उनके स्थान पर कलेक्टर नियुक्त करने के लिए राज्य सरकार से तीन नामों का पैनल मांगा है।

दरअसल कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह से शिकायत की थी कि मुंगावली में 18 हजार और कोलारस में 10 हजार मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी की गई है। जांच में पाया गया कि मुंगावली की वोटर लिस्ट में 1800 नाम फर्जी हैं।

इनमें भी 834 मृतकों के नाम शामिल हैं। 312 वोटर्स के नाम एक से ज्यादा जगह मिले। वहीं 245 मतदाता मिले ही नहीं। 435 ऐसे थे जिनका ट्रांसफर हुआ और उन्होंने सूची से नाम नहीं हटवाया।

इस मामले में आयोग ने अशोक नगर कलेक्टर बाबू सिंह जामोद को दोषी पाया गया, जिसके बाद ये कार्रवाई हुई। वहीं सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग की इस कार्रवाई व ऐसे गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार टेंशन में आ गई है।

वहीं कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने चुनाव आयोग में शिकायत के बाद कहा कि मुंगावली और कोलारस उप चुनाव में 20 हजार फर्जी वोटर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों जगहों पर अधिकारी कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं।

इसके अलावा एक निर्वाचक रजिस्ट्री अधिकारी को भी हटाने के आदेश आयोग ने दिए हैं। मुंगावली विधानसभा उप चुनाव के लिए तैयार की गई मतदाता सूची में 1800 फर्जी वोटर मिले थे। इनमें भी 834 मृतकों के नाम भी शामिल कर लिए गए। यह खुलासा मतदान के ठीक एक सप्ताह पहले हुआ है।