
तीन साल में विकास को नहीे मिली रफ्तार, वादों का विकास हुआ, जमीन पर कम ही नजर आए काम, मेट्रो का श्रेय लूट रहे दोनों दल
भोपाल. कांग्रेस और भाजपा ने दावे तो बड़े-बड़े किए, लेकिन जनता की झोली में आया ज्यादा कुछ नहीं। उल्टा बाजारों में चलने तक की जगह नहीं बची है। जिस न्यू मार्केट को तत्कालीन कांगे्रस सरकार टाइम्स स्क्वायर के बराबर में खड़ा करना चाहती थी, 15 माह सरकार रहने के बाद उसमें कुछ नहीं कर सकी। वहीं भाजपा भी शहर के बाजारों को लेकर बड़े-बड़े वादे करती है। चौक बाजार को हेरिटेज लुक देने की बात कही थी, लेकिन आज भी वहां पर सिर्फ लाल पत्थर ही नजर आते हैं। विकास ज्यादा नहीं हुआ। कोई भी पार्टी हो, लेकिन शहर के प्रमुख बाजारों का ये हाल है तो बाकी का क्या होगा, आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं। वहीं शहर में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट की वाहवाही दोनों दल अपने हिस्से में डालना चाहते हैं।
भाजपा--
- चौक बाजार हेरिटेज मार्केट: पांच करोड़ रुपए से चौक बाजार हेरिटेज मार्केट योजना शुरू की गई थी। यहां पुराने चौक बाजार का लुक देना था, लेकिन जमीन पर लाल पत्थर लगाकर काम पूरा कर लिया गया, अधूरा ही काम हुआ। बाजार में तार तक खुले पड़े रहते हैं।
- कोलार परियोजना के तहत समानांतर लाइन चालू कर दी जाना थी। 200 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया। पुरानी लाइन में लगातार लीकेज की दिक्कत है और इसे दुरूस्त करने के दौरान जलापूर्ति बंद करना पड़ती है।
- स्मार्ट पार्किंग से लोगों को एप से पार्किंग स्पेस बुकिंग की सुविधा देना थी, लेकिन स्मार्ट पार्किंग स्थानीय ठेकेदारों के हाथ में सुपूर्द कर फिर से असामाजिक तत्वों के हाथ में काम दे दिया गया। यहां फिर से वाहन चालकों के साथ विवाद की स्थिति रोजाना बन रही।
- स्ट्रीट डॉग्स की समस्या दूर करने और रहवासियों से इनकी आक्रामकता से बचाने के लिए शहर के चारों और इनके लिए सेंटर बनाने थे, अब तक ये नहीं बनाए गए।
- आवारा मवेशियों की समस्या दूर करने शहर के आसपास सात स्थानों पर डेयरी के लिए स्थान निकालना था। अब तक यहां कागजी कार्रवाई में ही मामला उलझा हुआ है। शहर की सड़कों, मोहल्लों में आवारा मवेशी, ***** रहवासियों के लिए दिक्कत बना रहे हैं।
कांग्रेस के वादे--
- कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने कहा था न्यू मार्केट को न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर जैसा बनाएंगे, उनके कार्यकाल में भी इस मार्केट में कुछ
नहीं हुआ, उल्टा राजनीति हावी हो गई। आज वहां चलने के लिए जगह नहीं बचती। हॉकर्स और दुकानदार इस तरह सामान को बाहर रख देते हैं कि बाजार में निकलना ही मुश्किल हो जाता है।
- कलेक्टर गाइडलाइन में जमीनों की दरें कम करने का वादा किया था। कांग्रेस ने कलेक्टर गाइडलाइन में जमीनों की दरें तो कम कर दीं, लेकिन स्टाम्प शुल्क बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया। भारत के किसी राज्य में प्रॉपर्टी पर लिया जा रहा ये स्टाम्प शुल्क सबसे ज्यादा है। कलेक्टर गाइडलाइन में भी जमीनों की दरें काफी हैं।
- शहर के बीचों बीच चल रहीं आरा मशीनें, टिंबर मार्केट को शहर के बाहर चांदपुर में शिफ्ट करने के लिए कांग्रेस ने बड़े जोर शोर से अभियान ही चला दिया था। कांग्रेस नेता पीसी शर्मा से लेकर आरिफ अकील तक दोनों इसकी शिफ्टिंग को लेकर सक्रिय रहे। प्रशासन ने अवैध कब्जे भी वहां से हटाए, लेकिन हुआ कुछ नहीं। आज भी शिफ्टिंग अटकी हुई है।
Published on:
15 Dec 2021 08:06 pm
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