
भोपाल। कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह अपने बयानों से हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। वे कई बार अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाने में पीछे नहीं हटते। इस बार भी उन्होंने पांच राज्यों में कांग्रेस की हार पर अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस हार के लिए कमजोर संगठन को जिम्मेदार बताया है।
पांच राज्यों में हाल ही में आए चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस में मंथन का दौर चल रहा है। इसी सिलसिले में चांचोड़ा से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने संगठन के चुनावी फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लक्ष्मण सिंह ने अपनी ही पार्टी को नसीहत देते हुए कहा है कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं को सुनते फिर फैसले लेते तो अवश्यक जीतते। उन्होंने ट्वीट पर लिखा है कि कांग्रेस की नीति और योजनाएं हमेशा आम आदमी के लिए ही बनी हैं और बनती रहेंगी। चुनाव की हार-जीत का कारण संगठन के निर्णय होते हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को सुनेंगे और फिर फैसले लेंगे तो अवश्य जीतेंगे।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में 2023 में विधानसभा चुनाव होने जा रही है। इसे लेकर कांग्रेस पार्टी कई मुद्दों को लेकर चुनाव जीत के लिए आगे बढ़ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व मंत्री एवं भोपाल के विधायक पीसी शर्मा ने भी बदलाव की जरूरत बताई है। शर्मा के मुताबिक पंजाब जैसे हालात मध्यप्रदेश में बने तो कांग्रेस बिखर जाएगी।
पहले भी उठाए कई सवाल
इससे पहले चांचोड़ा से कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने 21 फरवरी को बड़ी मांग उठाई थी। विधायक ने ट्वीट के जरिए कहा था कि राष्ट्र निर्माण करने वाला शिक्षक, राष्ट्र की रक्षा करने वाला सैनिक अपनी पेंशन की लड़ाई लड़ रहा है, तो विधायक, सांसद और अधिकारियों की पेंशन बंद होनी चाहिए।
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चांचोड़ा को जिला बनाने की मांग
इससे पहले 22 अक्टूबर 2019 को लक्ष्मण सिंह अपने ही बड़े भाई के बंगले के बाहर धरने पर बैठ गए थे। वे चांचौड़ा को 53वां जिला बनाने की मांग कर रहे थे। उनके साथ बड़ी संख्या में चांचोड़ा से कार्यकर्ता भी आए थे।
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Updated on:
14 Mar 2022 11:53 am
Published on:
14 Mar 2022 11:51 am

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