
राहुल ने उस पिता के बेटे को दिया टिकट जिसे राजनीति में लेकर आए संजय गांधी, इंदिरा ने किया था प्रचार
भोपाल.छिंदवाड़ालोकसभा सीट से कांग्रेस ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को उम्मीदवार बनाया है। नकुलनाथ कमलनाथ परिवार के तीसरे सदस्य हैं जिन्हें लोकसभा सी टिकट मिला हैं। इससे पहले उनके पिता कमलनाथ और मां अल्का नाथ लोकसभा का चुनाव छिंदवाड़ा से जीत चुकी हैं। छिंदवाड़ा कमलनाथ का गढ़ है। वहीं, कमलनाथ सियासत में आने के बाद दूसरी बार लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। कमलनाथ इस बार छिंदवाड़ा विधानसभा सीट से विधानसभा का उपचुनाव लड़ेंगे।
संजय गांधी के कहने पर शुरू की थी सियासत
आपातकाल के बाद जब पहली बार कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई थी तब संजय गांधी के कहने पर कमलनाथ ने राजनीति की शुरुआत की। उन्हें संजय गांधी ने मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से चुनाव लड़ने के लिए कहा था। पहली बार कमलनाथ 1980 में कांग्रेस सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे और इसके साथ ही इंदिरा गांधी की भी सत्ता में वापसी हुई। 1980 के लोकसभा चुनाव में जब कमलनाथ पहली बार चुनाव लड़ रहे थे तब इंदिरा गांधी उनका प्रचार करने छिंदवाड़ा पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने कहा था कि राजीव और संजय गांधी के बाद कमलनाथ मेरे तीसरे बेटे हैं और मैं अपने बेटे के लिए वोट मांगने आई हूं।
छिंदवाड़ा से नौ बार चुने गए सांसद, एक बार मिली हार
2014 में कमलनाथ छिंदवाड़ा से नौवीं बार सांसद बने। कमलनाथ को इस साल 26 अप्रैल को मध्य प्रदेश का कांग्रेस अध्यक्ष बनाया। उनके ही नेतृत्व में इस बार कांग्रेस ने मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत दर्ज की जिसके बाद बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन में 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनी।
कई अहम पदों पर रहे कमलनाथ
कमलनाथ 1991 से 1995 तक नरसिम्हा राव सरकार में पर्यावरण मंत्रालय संभाला।1995 से 1996 तक वे कपड़ा मंत्री रहे2001 में उन्हें कांग्रेस का महासचिव बनाया गया।2014 में मनमोहन सिंह की सरकार में वे वाणिज्य मंत्री रहे। 2009 में मनमोहन सिंह की सरकार में इनको सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय मिला।2012 में कमलनाथ संसदीय कार्यमंत्री बने।
पत्नी भी बनीं सांसद
1980 से चार बार लगातार चुनाव जीतते आ रहे कमलनाथ को सन 1996 का नाम हवाला कांड में आया। जिसके बाद उन्होंने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। कांग्रेस ने इस बार कमलनाथ की जगह उनकी पत्नी अल्का नाथ को लोकसभा चुनाव का उम्मीदवार बनाया। कमलनाथ की पत्नी अलका नाथ चुनाव जीत भी गईं। हवाला कांड से बरी होने के बाद कमलनाथ ने अपनी पत्नी से इस्तीफा दिलाया और 1997 में उपचुनाव हुए। इस बार कांग्रेस ने कमलनाथ को टिकट दिया हालांकि कमलनाथ अपना चुनाव मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम सुंदर लाल पटवा के हाथों हार गए। छिंदवाड़ा में कमलनाथ के राजनीतिक जीवन की एक मात्र हार है।
अब बेटे को मिला टिकट
2019 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने इस बार कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को उम्मीदवार बनाया है। नकुलनाथ सियासत में सक्रिय हैं और टिकट मिलने से पहले ही अपना प्रचार प्रसार शुरू कर दिया था। नकुलनाथ अब पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
Published on:
06 Apr 2019 11:03 am
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