
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ।
भोपाल : प्रदेश में होने वाले तीन विधानसभा और एक लोकसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की सियासी जमावट शुरु हो चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नेताओं को इन तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं। जिन जिलों में जिला कार्यकारिणी का गठन नहीं हुआ है वहां पर 15 जुलाई तक नेताओं की नियुक्ति का फरमान जारी किया गया है। वहीं मंडलम और सेक्टर के पुनर्गठन के निर्देश भी दिए गए हैं। जिन जिलों में उपचुनाव होना है वहां पर सबसे पहले संगठन के खाली पदों को भरा जा रहा है। मंडलम और सेक्टर में उन कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाएगी जो कांग्रेस के प्रति समर्पण भाव से काम कर रहे हैं।
उपचुनावों का महाराष्ट्र,गुजरात और उत्तरप्रदेश कनेक्शन :
कांग्रेस ने इन चार उपचुनावों का दूसरे राज्यों से कनेक्शन के एंगल पर भी का कर रही है। खंडवा में लोकसभा उपचुनाव होना है, खंडवा महाराष्ट्र की सीमा से लगा हुआ है। कांग्रेस को लगता है इसका उसे सियासी फायदा हो सकता है। जोबट विधानसभा गुजरात से, रैगांव और पृथ्वीपुर विधानसभा की सीमा उत्तरप्रदेश से लगती है। इन दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। कांग्रेस इस नजरिए से भी यहां सियासी जमावट करने जा रही है। हमदर्दी वोट पाने के लिए जोबट और पृथ्वीपुर में दिवंगत विधायकों के परिजनों को भी टिकट दिए जाने पर विचार किया जा रहा है।
कमलनाथ करेंगे दौरा :
कमलनाथ भी अगले महीने से प्रदेश में दौरा कर सकते हैं। उनके दौरे का केंद्र भी इन चार उपचुनाव वाले जिले रहेंगे। कमलनाथ सबसे पहले सतना,टीकमगढ़,खंडवा और झाबुआ का दौरा कर सकते हैं। यहां पर वे बूथ तक जमावट की तैयारी देखेंगे साथ ही बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से भी संवाद कर सकते हैं। तीन दिन के भोपाल दौरे में उन्होंने साफ कर दिया है कि अब संगठन विस्तार का काम प्राथमिकता से किया जाएगा।
Updated on:
12 Jul 2021, 4:38 PM IST
Published on:
12 Jul 2021, 4:38 PM IST
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