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सदमे में MP कांग्रेस! जिससे उम्मीद थी वहीं भाजपा में हो गई शामिल

लोकसभा चुनाव से ऐनवक्त पहले...

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सदमे में MP कांग्रेस! जिससे उम्मीद थी वहीं भाजपा में हो गई शामिल

भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक ओर बड़ा झटका लगा है। जिसके चलते कांग्रेस जिस अपने नेता से पार्टी को और आगे ले जाने की आशा रख रही थी, उसी नेता ने लोकसभा चुनाव से ऐनवक्त पहले हाथ छोड़कर कमल को थाम लिया है।


चर्चा है कि कांग्रेस को आशा थी कि कमलनाथ की एक नजदीकी महिला नेता अपने पति भाजपा नेता को भी कांग्रेस में ले आएंगी, लेकिन उल्टा हो गया।

दरअसल विधानसभा में अपनी जीत के बाद उत्साह में भरी कांग्रेस लोकसभा चुनावों को लेकर अब तक काफी आश्वस्त दिख रही थी, लेकिन अचानक ही चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस का झटके लगने शुरु हो गए है।

एक ओर जहां कांग्रेस के ही सांसद विवेक तन्खा ने कमलनाथ सरकार पर प्रश्न खड़े कर उन्हें चिंता में डाल दिया है वहीं दूसरी ओर भाजपा की ओर से भी सीएम कमलनाथ को बड़ा झटका दिया गया है।

जानकारी के अनुसार जिस महिला नेता को कमलनाथ ने शहडोल उपचुनाव में कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया।

अपनी कार्यकारिणी में सचिव बनाया और 2019 के लोकसभा चुनाव में जिसे फिर से टिकट देने की तैयारी कर रहे थे, वो कांग्रेस की महिला नेत्री हिमाद्री सिंह, भाजपा में शामिल हो गईं। प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के सामने उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

अब कांग्रेस संकट में...
ज्ञात हो कि शहडोल लोकसभा सीट से भाजपा के पास कोई प्रत्याशी ही नहीं था। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्री ज्ञान सिंह की तमाम शर्तों को स्वीकार करते हुए लोकसभा का उपचुनाव ना केवल लड़ाया.

बल्कि खुद प्रचार करके जिताया भी था,परंतु अब शिवराज सिंह मुख्यमंत्री नहीं हैं, ज्ञान सिंह अपनी दम पर चुनाव जीत जाएं, ऐसी संभावनाएं भी नहीं हैं।वहीं हिमाद्री एक दमदार नाम था, जिसे अब भाजपा छीन ले गई।

बिना शर्त आईं...
दरअसल पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री दलबीर सिंह और पूर्व सांसद राजेश नंदिनी की बेटी हिमाद्री सिंह ने बुधवार को भाजपा का दामन थाम लिया। उन्हें भाजपा मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।

हिमाद्री ने 2016 में कांग्रेस से शहडोल का उपचुनाव लड़ा था। वहीं शहडोल से सांसद ज्ञान सिंह का टिकट कटने और हिमाद्री को प्रत्याशी बनाए जाने पर राकेश सिंह ने कहा कि हिमाद्री बिना शर्त आई हैं।

चुनाव तो हारे पर हिमाद्री का दिल जीता...
यह शहडोल की एक चर्चित लव स्टोरी है। 2009 में भाजपा नेता नरेंद्र सिंह मरावी को लोकसभा प्रत्याशी बनाया गया था। कांग्रेस की ओर से राजेश नंदिनी सिंह को प्रत्याशी बनाया गया। नरेंद्र यह चुनाव तो हार गए लेकिन अपनी प्रतिस्पर्धी राजेश नंदिनी सिंह की बेटी हिमाद्री सिंह का दिल जीत गए।

सांसद राजेश नंदिनी सिंह अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाईं। उपचुनाव आए तो कांग्रेस ने हिमाद्री को प्रत्याशी बनाया लेकिन शिवराज सिंह ने अपने मंत्री ज्ञान सिंह को उतार दिया। चुनाव के बाद नरेंद्र सिंह ने हिमाद्री से विवाह कर लिया। माना जा रहा था कि कमलनाथ की नजदीकी महिला नेता हिमाद्री सिंह अपने पति नरेंद्र सिंह मरावी को भी कांग्रेस में ले जाएंगी, लेकिन सब कुछ इसके विपरीत यानि उल्टा हो गया।