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Election2019: मध्यप्रदेश में ये हैं कांग्रेस के स्टार प्रचारक

लोकसभा चुनाव 2019 में चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस हाईकमान से मध्यप्रदेश के कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल है...

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Election2019: मध्यप्रदेश में ये हैं कांग्रेस के स्टार प्रचारक

भोपाल. लोकसभा चुनाव 2019 में चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस हाईकमान से मध्यप्रदेश के कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल है। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का सबसे आगे है। दिग्विजय सिंह भोपाल संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे। लेकिन अभी कईयों के नाम पर कोई सीट तय नहीं हुई है।

विधानसभा चुनाव 2018 में धूम मचाने वाले मुख्यमंत्री कमलनाथ, महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया अब लोकसभा चुनाव में खुद अपनी जीत के फेर में फंसे हैं। हालांकि मध्यप्रदेश में ये नेता कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल हैं।

मध्यप्रदेश में ये हैं कांग्रेस के स्टार प्रचारक leaders of Congress

1 . कमलनाथ
विधानसभा चुनाव में कमलनाथ ने पूरे प्रदेश में प्रचार किया। उन्होंने 6 माह प्रदेश में कांग्रेस के चरमराए संगठन को खड़ा करने में लगा दिए। अब वे खुद छिंदवाड़ा से विधानसभा उपचुनाव लड़ रहे हैं, वहीं छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से उनके बेटे नकुलनाथ उम्मीदवार होने वाले हैं। ऐसे में कमलनाथ की जिम्मेदारी छिंदवाड़ा में बढ़ गई है।

2. ज्योतिरादित्य सिंधिया
कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया विधानसभा चुनाव में चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष थे। अब उन्हें यूपी का प्रभारी बनाया है। वे गुना सीट से उम्मीदवार बनने वाले हैं। वे खुद अपनी सीट पर ही उलझे नजर आ रहे हैं।

3. दिग्विजय सिंह
विधानसभा चुनाव में समन्वय समिति के मुखिया रहे दिग्विजय सिंह खुद कठिन सीट भोपाल में उलझ गए हैं। दिग्विजय को अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए अब भोपाल जीतना जरूरी हो गया है। उनकी प्राथमिकता में अब प्रदेश नहीं, बल्कि भोपाल की जीत है।

4 . अजय सिंह
विंध्य में कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा अजय सिंह खुद की सीट को लेकर ही उलझन में हैं। अभी यही तय नहीं हो पाया है कि वे सतना से लड़ेंगे या सीधी से। उनका लोकसभा क्षेत्र बहुत चुनौतीपूर्ण है। विधानसभा चुनाव ने उनको चुरहट से ही हार का बड़ा झटका दे दिया है जिसको लेकर अब वे सतर्क हो गए हैं। उनके राजनीतिक भविष्य के लिए लोकसभा चुनाव में जीत अहम है ऐसे में प्रदेश पीछे छूट जाता है।

5. दीपक बावरिया
प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया स्वास्थ्य कारणों से प्रदेश को समय नहीं दे पा रहे। बावरिया के अलावा अरुण यादव को खंडवा से जीतना राजनीतिक रूप से जरुरी हो गया है, वहीं कांतिलाल भूरिया के लिए भी रतलाम-झाबुआ सीट पर फोकस जरूरी हो गया है।