
कांग्रेस ने जारी की अपनी लिस्ट, जानिये अब कौन क्या बना
भोपाल@दीपेश अवस्थी की रिपोर्ट...
मध्यप्रदेश में चुनाव का समय नजदीक आते ही दोनों प्रमुख पार्टियों ने रणनीतिक दांव पेंच शुरू कर दिए हैं। एक ओर जहां दोनों पार्टियों के बीच एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति चल रही है। वहीं दोनों समय समय पर मौके के हिसाब से दूसरे को भटकाने के लिए अपनी चुनावी रणनीति में लगातार बदलाव भी ला रहे हैं।
इसी सब के बीच कांग्रेस ने आईटी एवं सोशल मीडिया सेल के प्रदेश पदाधिकारियों, 63 जिला अध्यक्षों व 230 विधानसभा समन्वयक नियुक्त कर दिए हैं।
प्रदेश कांग्रेस आईटी एवं सोशल मीडिया सेल के प्रदेश समन्वयक डॉ.धर्मेन्द्र वाजपेयी ने रविवार को इनकी सूची जारी कर दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश पदाधिकारियों की एक और सूची होगी। आईटी सेल जल्द ही ब्लॉक अध्यक्षों, मण्डल, सेक्टर प्रभारी और बूथ समन्वयकों की भी सूची जारी करेगी।
राजीव के सिपाही...
जानकारी के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश कांग्रेस आईटी एवं सोशल मीडिया सेल के प्रदेश समन्वयक डाॅ. धर्मेन्द्र वाजपेयी ने आज आईटी एवं सोशल मीडिया सेल के प्रदेश पदाधिकारियों, 63 जिला अध्यक्षों व 230 विधानसभा समन्वयकों की सूची जारी की है।
डाॅ. वाजपेयी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के ‘‘राजीव के सिपाही“ अफवाह और नफरत फैलाने वाली भाजपा सरकार और उसकी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ दो-दो हाथ करने को तैयार हैं।
कांग्रेस पार्टी सच को फैलाकर भाजपा के झूठ को खत्म कर देगी।
डाॅ. वाजपेयी ने यहां कहा कि आज हम प्रदेश पदाधिकारियों की पहली सूची जारी कर रहे हैं शीघ्र ही योग्य और प्रतिभाशाली प्रदेश पदाधिकारियों की एक और सूची जारी करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि आईटी सेल जल्द ही ब्लाॅक अध्यक्षों, मण्डल, सेक्टर प्रभारी और बूथ समन्वयकों की भी सूची जारी करेगी, जिससे आईटी सेल का एक-एक कार्यकर्ता बूथ स्तर पर भाजपा की जन विरोधी नीतियों को बेनकाब करेंगा।
ये है पूरा मामला...
दरअसल प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सोशल वार शुरू हो चुका है। भाजपा ने 'साइबर योद्धा' बनाए हैं। इसके जवाब में कांग्रेस ने 'राजीव के सिपाही' उतारे हैं। इसका सोशल मीडिया पर असर नजर आने लगा है। दोनों पार्टियां युवाओं को आकर्षित करने के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं।
इससे पहले भी कुछ चुनावों में वाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल साइट्स का इस्तेमाल खूब किया गया है। चुनावों में इसका असर भी दिखाई दिया।
भाजपा के इस हथियार के प्रभावी इस्तेमाल से सबक लेकर कांग्रेस ने भी अपने साइबर एक्सपर्ट को मैदान में उतार दिया है। इन्हें 'राजीव के सिपाही' नाम दिया गया है।
कांग्रेस की तैयारी
भाजपा की इसी तैयारी को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस साइबर योद्धाओं से मुकाबले के लिए राजीव के सिपाही तैयार कर रही है। कांग्रेस आइटी सेल के प्रमुख धर्मेंद्र वाजपेयी ने पूर्व में कहा था कि इसके लिए 4000 युवाओं को तैयार किया जा चुका है।
ये कार्यकर्ता सोशल मीडिया के जरिए किसानों की कर्ज माफी, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी , महिला अपराध पर कैरीकेचर और वीडियो बनाकर कांग्रेस का प्रचार करेंगे।
Published on:
01 Jul 2018 07:22 pm
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