
nandkumar singh chauhan statement about rahul gandhi
भोपाल@रिपोर्ट- अरुण तिवारी,
कांग्रेस गुजरात के बाद मध्यप्रदेश में सॉफ्ट हिंदुत्व का फॉर्मूला अपनाने जा रही है। इससे पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को गुजरात चुनाव में बड़ी कामयाबी हासिल हुई थी। यही वजह रही कि इसे कर्नाटक चुनाव में भी अपनाया गया। मध्यप्रदेश में १५ साल से सत्ता का वनवास काट रही कांग्रेस यहां भी हिंदुत्व के रास्ते चल पड़ी है।
इसकी शुरूआत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने बुधवार को कर दी। कुर्सी संभालने के बाद कमलनाथ के कामकाज की शुरूआत गुफा मंदिर , महाकाल और पीतांबरा माई के दरबार में मत्था टेक ने के साथ हुई। राहुल गांधी भी महाकाल का आशीर्वाद लेने के बाद प्रदेश में प्रचार शुरू करेंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राहुल के लिए मंदिरों की सूची भी बना ली है। इस फॉर्मूले का ब्लू प्रिंट कमलनाथ को दिल्ली से मिला है ।
- इन मंदिरों में जाएंगे राहुल गांधी
उज्जैन का महाकाल मंदिर। दतिया का पीतांबरा माई मंदिर। नलखेड़ा का मां बगलामुख मंदिर। ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग। ओरछा का रामराजा मंदिर। पन्ना का श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर। मंदसौर का पशुपतिनाथ मंदिर। भोपाल का गुफा मंदिर या बिड़ला मंदिर। भोजपुर का शिव मंदिर। मैहर का शारदा माता मंदिर।
- छवि बदलने का फॉर्मूला
इस फॉर्मूले के जरिए कांग्रेस अपनी अल्पसंख्यक परस्त छवि को तोडऩा चाहती है। राहुल गांधी ने गुजरात चुनाव में मंदिरों में जाकर बहुत हद तक छवि बदलने में कामयाबी हासिल की। इसका फायदा उनको वोट के रूप में मिला। मध्यप्रदेश में हिंदुओं की आबादी साढ़े पांच करोड़ से ज्यादा है, जिसका सीधा फायदा हिंदुत्व का झंडा उठाने वाली भाजपा को मिलता है।
कांग्रेस को लगता है कि यदि वो अपनी छवि बदलकर इस वोट बैंक को प्रभावित करने में सफल रही तो उसकी सत्ता में वापसी हो सकती है। गुजरात में राहुल गांधी चुनाव प्रचार के दौरान ८५ दिन रहे। राहुल सोमनाथ समेत २७ मंदिरों में गए। इन इलाकों में करीब ८७ विधानसभा सीटें आती हैं। इन मंदिरों में जाने से कांग्रेस को ५० से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल हुई। गुजरात में मिली इस कामयाबी को राहुल कर्नाटक में भी जारी रखना चाहते हैं, इसलिए राहुल ने कर्नाटक में दर्जन भर मठ-मंदिरों में दर्शन किए।
- पीसीसी का गुजरात कनेक्शन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी का खास तरह का गुजरात कनेक्शन भी है। प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया गुजरात से आते हैं। कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी को गुजरात चुनाव में सहप्रभारी बनाया गया था। कमलनाथ भी लंबे समय तक गुजरात के प्रभारी रहे हैं। यही वजह है कि ये नेता गुजरात फॉर्मूला को मध्यप्रदेश में सफल बनाने के लिए जुट गए हैं।
भाजपा हिंदू धर्म की ठेकेदार नहीं है। हम सब मंदिर जाते हैं। मैंने तो छिंदवाड़ा में हनुमानजी का विशाल मंदिर बनवाया है। भाजपा के लिए धर्म राजनीति का विषय है। हमारे लिए आस्था का।
- कमलनाथ प्रदेश अध्यक्ष,कांग्रेस
भगवान को धोखा नहीं दिया जा सकता है। भगवान चुनावी नहीं है। वो तो सनातन है। वह जानता है कि चुनावी चक्कर में कौन आया है और सच्चे मन से आराधना करने कौन आया है।
- प्रभात झा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा
Published on:
03 May 2018 07:32 am
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