1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एकता और ताकत दिखाने चार घंटे का मेगा रोड शो करेगी कांग्रेस

दिल्ली में कोर-गु्रप की बैठक में बनी रणनीति
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

KRISHNAKANT SHUKLA

•

Updated: 30 Apr 2018, 8:25 AM IST

Pradesh Congress President

kamal nath

भोपाल. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने आने के लिए एक मई को दिग्गज नेता कमलनाथ ताकत दिखाएंगे। पार्टी की कोर ग्रुप की रविवार को दिल्ली में हुई बैठक में तय हुआ कि कमलनाथ नई जिम्मेदारी संभालने से पहले ४ घंटे तक एयरपोर्ट से पार्टी कार्यालय तक मेगा रोड-शो कर शक्ति प्रदर्शन करें।

इसमें दिग्विजय सिंह , सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया, नेता-प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव सहित चारों कार्यकारी अध्यक्ष शामिल होकर एकजुटता का संदेश देंगे। कमलनाथ प्रदेश कार्यालय आने के बाद तीन दिन मध्यप्रदेश में रहेंगे। इसके लिए पूरे प्रदेश से कार्यकर्ताओं को एकत्रित किया जाएगा।

दो महीने होंगे तूफानी दौरे
कमलनाथ के अगले दो महीने के दौरों और रणनीति का रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है। इसमें सबसे पहले १० संभागीय मुख्यालयों पर कमलनाथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

अनुशासन की सीख...
बैठक में कमलनाथ ने हिदायत दी कि नेता अनुशासन में रहें और फिजूल बयानबाजी से बचें। एक मई के पहले नेताओं को रणनीति को लेकर चुप रहने को भी कहा। एक्शन प्लान के लिए ५ मई तक सुझाव मांगे हैं।

विवादों से दूर कमलनाथ
कमलनाथ का जन्म 18 नवंबर 1946 को कानपुर में हुआ। पढ़ाई देहरादून और कोलकाता में हुई। दून स्कूल में पढ़ते हुए कमलनाथ संजय गांधी के खास दोस्त बन गए और गांधी परिवार से नजदीकियां बढ़ गईं। उन पर आज तक कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। लेकिन हवाला केस में नाम आने के कारण मई 1996 के आम चुनाव में कमलनाथ चुनाव नहीं लड़ पाए थे।

इस हालत में कांग्रेस ने कमलनाथ की पत्नी अलका को टिकिट दिया और वे चुनाव जीत गईं। लेकिन एक साल बाद जब कमलनाथ हवाला मामले से बरी हो गए तब उन्होंने पत्नी से से इस्तीफा दिला दिया और खुद चुनाव लड़े। लेकिन वह भाजपा के सुंदरलाल पटवा से हार गए। यह अब तक का इकलौता मौका रहा जब छिंदवाड़ा में भाजपा का कमल खिला। कमलनाथ ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में कथित भूमिका संबंधी विवाद को लेकर विवादों में आ गए थे।