13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी के मंत्री पर फिर लटकी तलवार, घोटाले में एफआईआर कराने कोर्ट जा रही कांग्रेस

viswas sarang news मध्यप्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग पर एक बार फिर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटकती दिख रही है।

2 min read
Google source verification
viswas sarang news

viswas sarang news

मध्यप्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग पर एक बार फिर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटकती दिख रही है। मध्यप्रदेश कांग्रेस उनपर एफआईआर दर्ज कराने अब कोर्ट की शरण ले रही है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने मंत्री सारंग को नर्सिंग घोटाले का मास्टरमाइंड बताया और कहा कि कांग्रेस उन्हें छोड़ेगी नहीं, उनके खिलाफ हर हाल में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जीतू पटवारी ने राज्य की कानून व्यवस्था के मामले में प्रदेश सरकार को घेरा।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा की। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। छतरपुर में छात्र द्वारा प्रिंसीपल की हत्या की वारदात का जिक्र करते हुए उन्होंने सीएम मोहन यादव पर भी हमला बोला। पटवारी ने कहा कि कानून व्यवस्था की ऐसी चुनौतियों के समय सीएम बिलियर्ड्स खेल रहे हैं।

यह भी पढ़ें: पर्ची में कैसे बता देते लोगों की समस्याएं और निदान, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने खुद खोला राज

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने नर्सिंग घोटाले का भी मुद्दा उठाया। इस मामले में प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग को मास्टरमाइंड बताते हुए उनपर जोरदार हमला किया। पटवारी ने कहा कि सारंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए अब कांग्रेस कोर्ट जाएगी। हम इस मामले को छोड़ेंगे नहीं।

यह भी पढ़ें: एमपी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की भर्ती में बड़ा अपडेट, 12670 केंद्रों पर होगी नियुक्ति

जीतू पटवारी ने बताया कि मंत्री विश्वास सारंग पर एफआईआर कराने के लिए हमने पुलिस को आवेदन दिया पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। नर्सिंग घोटाले में सारंग को खुद ही इस्तीफा दे देना था अथवा सीएम मोहन यादव को उनसे इस्तीफा मांग लेना था लेकिन ये दोनों ही काम नहीं हुए। अब मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए हम कोर्ट जाएंगे।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर राज्य सरकार को जमकर घेरा। खासतौर पर दलितों के साथ छुआछूत, हत्या और मारपीट के मामले उठाए। दलितों पर अत्याचार के कई मामले गिनाते हुए बीजेपी सरकार को दलित विरोधी बताते हुए प्रहार किया।