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Conjunctivitis : अब बुखार के साथ Eye Flu की चपेट में आ रहे बच्चे, पैरेंट्स इग्नोर न करें ये 5 बातें

Conjunctivitis: शहर में इस बार आई फ्लू की चपेट में बच्चे भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। पांच-छह वर्ष तक के बच्चों को कंजक्टिवाइटिस के साथ तेज बुखार की समस्या हो रही है। इसलिए यदि बच्चों को बुखार है तो अभिभावक चिकित्सक का परामर्श जरूर लें क्योंकि उसे आई फ्लू भी हो सकता है।

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Conjunctivitis

पूर्व की तुलना में इस वर्ष कंजक्टिवाइटिस तेजी से फेल रहा है वहीं इसके ठीक होने में पांच से सात दिन तक लग रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार शहर में लगातार आद्रता का प्रतिशत बढ़ा हुआ रहने से बीमारी में यह बदलाव नजर आ रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राणा रणजीत के अनुसार आई फ्लू बच्चों को भी तेजी से प्रभावित कर रहा है। छोटे बच्चों में आई फ्लू में बुखार की समस्या देखी जा रही है। इसके अलावा कई मरीजों में सिर दर्द की शिकायत भी मिल रही है। बीमारी की शुरुआत में ही उपचार प्रारंभ नहीं करने से समस्या बढ़ रही है और पूरी तरह ठीक होने में समय अधिक लग रहा है।

आद्रता से रफ्तार बढ़ी

जून में आद्रता सुबह में 50-60 व शाम को 15 से 20 प्रतिशत थी वहीं जुलाई आखिरी सप्ताह में यह सुबह में 85 से 90 और शाम को 65 से 93 प्रतिशत तक बनी हुई है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम सिंह बताती है, मौसम में लगातार अधिक आद्रता बनी रहने से बैक्टेरिया ज्यादा स्ट्रांग हो रहे हैं जिससे कंजक्टिवाइटिस के फैलने की तीव्रता और बढ़ी है। वर्तमान में एक मरीज से दूसरे में यह तेजी से फैल रहा है। इस वजह से बच्चे भी अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इस स्थिति में आई फ्लू को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

बच्चों का ध्यान रखें अभिभावक

-यदि बच्चे को बुखार आ रहा है या सिर दर्द हो रहा है तो आंख पर भी ध्यान दें। कंजक्टिवाइटिस हो सकता है।

-चिकित्सक की सलाह लें ताकि समय पर उपचार शुरू हो सके व बच्चे को अधिक परेशानी न झेलना पड़े।

-कंजक्टिवाइटिस होने पर कुछ दिन बच्चे को घर में रखें, काला चश्मा पहनवाएं। अन्य बच्चे व सदस्यों से दूर रखें।

-बच्चे को बार-बार आंखों पर हाथ न लगाने , आंखें न मसलने की समझाइश दें।

-चिकित्सक की सलाह अनुसार समय पर दवाई दें। आई ड्रॉप डालने के बाद स्वयं भी हाथ सैनेटाइज करें।

वर्तमान में नेत्र संक्रमण तेजी से आमजन में फैल रहा है। अपनी आंखों को छूने से पहले हाथ आवश्यक रूप से धोएं। संक्रमित व्यक्ति अपना टॉवेल, तकिया, आई ड्रॉप आदि उपयोग की गई वस्तुएं घर के अन्य सदस्यों से अलग रखें। यदि आंखों में लालिमा हो तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से परामर्श लें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी ड्रॉप का उपयोग न करें।

- डॉ. दीपक पिप्पल, सीएमएचओ