
भोपाल. उपभोक्ताओं को सही मात्रा में सभी सामग्री मिले इसकी निगरानी और गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई के लिए बने नापतौल विभाग का दायरा बढ़ाने की बजाय उसे और कम किया जा रहा है। इसका अमला भी लगातार कम होता जा रहा है जो पद खाली हैं वे भरे नहीं जा रहे, इसके साथ कार्यालयों को भी बंद किया जा रहा है। इससे न तो नियमित जांचें हो रही हैं और न कार्रवाई। यह स्थिति तब है जबकि नापतौल वाले विक्रेताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और गड़बडिय़ां भी सामने आ रही हैं। हाल ही में शासन ने नापतौल विभाग के आठ तहसील कार्यालयों को बंद करने का आदेश जारी किया है। विभाग के स्वीकृत 530 पदों में से 202 पद अभी रिक्त हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि नापतौल विभाग को खत्म करने की साजिश चल रही है।
जनसंख्या लगातार बढ़ रही है, दुकानें, प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप और अब सीएनजी और एलपीजी पंपों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में विभाग के कार्यालयों और अमले को कम करने पर सवाल उठ रहे हैं। इसके पहले भी वर्ष 2010 में 6 तहसील कार्यालयों को बंद करने के आदेश जारी हुए थे लेकिन कर्मचारियों के विरोध के चलते इसे निरस्त करना पड़ा था।
यह कार्यालय किए बंद
हाल ही में मप्र शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आदेश जारी कर आठ तहसील कार्यालयों को बंद कर जिला कार्यालयों में अटैच किया है। आदेश के अनुसार महेश्वर जिला खरगौन, बडनग़र जिला उज्जैन, जाबरा जिला रतलाम, राजगढ जिला धार, नरसिंहगढ़ जिला राजगढ, गंजबासौदा जिला विदिशा, डबरा जिला ग्वालियर, गोहद जिला भिंड कार्यालयों को बंद कर दिया गया है। अब जिले से तहसील तक 90 से 100 किलोमीटर से अधिक आवागमन करने के बाद ही विभाग के निरीक्षक कार्य कर पाएंगे इससे नियमित जांच भी नहीं हो पाएगी। इसे देखते हुए अब कर्मचारियों ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया गया है। कर्मचारियों ने नियंत्रक नापतौल को ज्ञापन सौंपने के साथ मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को भी पत्र भेजा है।
चार निरीक्षकों के भरोसे पूरा भोपाल
नापतौल अमला लगातार कम होता जा रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद नए पद भरे ही नहीं जा रहे हैं। हालत यह है कि भोपाल में ही केवल चार निरीक्षक हैं जबकि दो लाख से ज्यादा प्रतिष्ठान हैं। इंदौर में तो केवल दो निरीक्षकों से ही काम चल रहा है। निरीक्षकों के 110 पदों में से 42 पद खाली हैं।
यह काम करता है नापतौल
क्षेत्र के अंतर्गत उपयोग में लाए जाने वाले तौल के बांट, कांटे, नाप एवं माप इत्यादि उपकरणों का समयावधि में मुद्रांकन एवं पुन: सत्यापन का काम ताकि उपभोक्ताओं को सही मात्रा में सामग्री मिले। समय-समय पर व्यापारिक संस्थान के मालिक एवं अन्य व्यक्ति जो कि उपकरणों का उपयोग करते हैं, उनको निर्धारित अवधि की समाप्ति के पूर्व नोटिस देना तथा उनके उपकरणों का पुन: सत्यापन करना। सत्यापन एवं अन्य शुल्क की वसूली करना। बांट, माप, पैकेज कमोडिटीज का अपने क्षेत्र के अंतर्गत आकस्मिक निरीक्षण करना। निरीक्षण कर त्रुटिपूर्ण एवं नियम विरूद्ध प्रचलित उपकरणों / पैकेजों को जप्त करना एवं नियमानुसार कार्रवाई करना।
निर्धारित अवधि में निर्माता, विक्रेता एवं सुधारक अनुज्ञप्तिधारियों का निरीक्षण एवं अभिलेखों की जांच करना।
पदों की यह है स्थिति
पदनाम- स्वीकृत पद- कार्यरत- रिक्त पद
नियंत्रक- 1- 1- 0
संयुक्त नियंत्रक- 1- 0- 1
उपनियंत्रक- 4- 3- 1
सहायक नियंत्रक- 10-3- 7
निरीक्षक- 110- 68- 42
अधीक्षक- 6- 1- 5
सहायक ग्रेड-एक- 11-6- 5
सहायक ग्रेड दो- 26- 19- 7
सहायक ग्रेड तीन- 145- 120- 25
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कुछ तहसील कार्यालयों को जिला कार्यालय में मर्ज किया जा रहा है। यहां शासन का खर्च ज्यादा हो रहा था और राजस्व कम आ रहा था। जिला कार्यालय से भी उनका कामकाज चलता रहेगा। अमले की भर्ती के लिए शासन की ओर से प्रयास चल रहे हैं।
- केदार सिंह, नियंत्रक नापतौल
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उपभोक्ता हितों के लिए बनाए गए नापतौल विभाग के तहसील स्तर के कार्यालयों को खत्म किया जा रहा है इससे आने वाले समय में धीरे-धीरे विभाग खत्म हो जाएगा। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष मोहन अय्यर के साथ मैंने नियंत्रक महोदय को पत्र सौंपकर 8 तहसील कार्यालय के जिला कार्यालय में समाहित करने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है।
- उमाशंकर तिवारी
अध्यक्ष, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, नाप तौल विभागीय समिति भोपाल
Published on:
03 Feb 2022 12:09 pm
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