
भोपाल। नए लोकायुक्त नियुक्ति पर विवादों में घिरे नेता-प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी के कई लोगों की सांठगांठ सरकार से हैं, लेकिन उनमें वे शामिल नहीं हैं। सरकार पर सबसे ज्यादा हमले वे ही करते हैं। सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं चूकते। जहां तक लोकायुक्त नियुक्ति की बात है तो उनके पास सिंगल नाम आया था और सुप्रीमकोर्ट तक के आदेश में सिंगल नाम को मंजूर करने की बात है। इसलिए सिंगल नाम पर सहमति दे दी। सिंह ने कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा के बार-बार उनकी भूमिका पर सवाल उठाने को लेकर तन्खा को पत्र लिखकर कहा है कि यदि उनको नियुक्ति में कुछ गलत लगता है तो सुप्रीमकोर्ट जाए।
इससे पहले एमपी के नए लोकायुक्त सोमवार को पदभार ग्रहण किया। इस दौरान जहां उन्होंने पत्रकारों के प्रश्नों को भी सुना वहीं पुछे गए अधिकांश का जवाब उन्होंने नो कमेंट कहते हुए टाल दिया था। नए लोकायुक्त की नियुक्ति चयन के समय से ही चर्चा का विषय बनी हुई है। जिसमें कांग्रेस के नेता तक अपने ही नेता व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह से लगातार प्रश्न कर रहे हैं।
दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा
एमपी के नए लोकायुक्त जस्टिस एनके गुप्ता ने सोमवार को पदभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान जहां उन्होंने पत्रकारों के प्रश्नों को भी सुना वहीं पुछे गए अधिकांश का जवाब उन्होंने नो कमेंट कहते हुए टाल दिया। वहीं एक जगह उन्होंने दोषियों पर कड़ाई के मामले में उन्होंने दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा यह कहते हुए अपनी बात खत्म की।
दरअसल पिछले बुधवार को प्रदेश के नवनियुक्त लोकायुक्त जस्टिस एनके गुप्ता ने राजभवन में आयोजित समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण कर ली। राज्यपाल ओपी कोहली ने उन्हें शपथ दिलाई। कार्यक्रम में उप लोकायुक्त यूसी माहेश्वरी की गैर मौजूदगी चर्चा का विषय रही। शपथ समारोह के बाद जस्टिस गुप्ता ने मीडिया से बातचीत का आग्रह ठुकरा दिया। पत्रकारों के जोर देने पर वह बोले कि सोमवार को दोपहर में चर्चा करेंगे। शपथ समारोह का संचालन मुख्य सचिव बीपी सिंह ने किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा सहित मंत्री उमाशंकर गुप्ता, रामपाल सिंह एवं विश्वास सारंग भी मौजूद थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और अधिकारी मौजूद थे। जबकि इससे पहले उनकी नियुक्ति से कांग्रेस में हड़कंप की स्थिति बन गई थी, क्योंकि मध्यप्रदेश में आधी रात को सरकार ने चुपके से नए लोकायुक्त की नियुक्ति कर दी गई। जिसके बाद पूरे प्रदेश में बखेड़ा खड़ा हो गया। कांग्रेस के भीतर से लेकर लोकायुक्त के भीतर तक हंगामा खड़ा हो गया है।
नए लोकायुक्त की नियुक्ति से जहां उप लोकायुक्त यूसी महेश्वरी नाराज हो गए हैं, वहीं अंदरखाने चर्चा रही कि उप लोकायुक्त की सक्रियता से घबराकर सरकार ने नए लोकायुक्त की नियुक्ति की है। दरअसल, सरकार ने पिछले दिनों रात में चुपके से एनके गुप्ता को नया लोकायुक्त नियुक्ति किया था। महत्वपूर्ण यह है कि लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए तय कमेटी में मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होते हैं। अचानक से आधी रात में नियुक्ति ने सरकार को ही घेरे में लाकर खड़ा कर दिया
Updated on:
24 Oct 2017 12:53 pm
Published on:
24 Oct 2017 12:14 pm

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