जिनके परिजन एक-एक सांस के लिए मोहताज होकर चले गए हकीकत वे ही जानते हैं

केन्द्र और राज्य सरकार का दावा: ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई किसी की भी मौत, लेकिन आंकड़े बोल रहे राजधानी में ही हुई थी 17 मरीजों की मौत

By: Sumeet Pandey

Published: 23 Jul 2021, 01:12 AM IST

भोपाल. मैं अस्पताल के सामने गिड़गिड़ता रहा कि मेरे माता-पिता(शीला और हेमंत कुशवाहा) को भर्ती कर लो, एक डॉक्टर आए, माता-पिता की जांच की और कहा कि हमारे पास ऑक्सीजन-बेड ज्यादा नहीं है, सिर्फ इमरजेंसी बेड पर ही ऑक्सीजन है हम भर्ती नहीं कर पाएंगे। भोपाल मेमोरियल अस्पताल के गेट पर मैं कुछ देर तक इसी आस में गिड़गिड़ा रहा कि क्या पता तरस खाकर डॉक्टर उन्हें भर्ती कर लें लेकिन तब तक माता-पिता की हालत बिगडऩे लगी। लोगों को फोन लगाया तो कहा कि कोलार स्थित जेके अस्पताल ले जाओ।

मैं माता-पिता को लेकर अस्पताल पहुंचा तो वहां कह दिया गया कि ऑक्सीजन की दिक्कत है, भर्ती नहीं कर पाएंगे। मेरा मन नहीं माना रात को डेढ़ बजे तक बाहर ही बैठे रहे लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ। फिर किसी ने बताया कि नवोदय अस्पताल चले जाओ, वहां गए तो वहां भी ऑक्सीजन नहीं थी। यहां से सिटी अस्पताल में गए, यहां एडमिट भी कर लिया लेकिन अगले दिन ऑक्सीजन नहीं है कह कर डिस्चार्ज कर दिया। कुछ समझ नहीं आ रहा था क्या करूं, मैं माता-पिता को हमीदिया ले गया। यहां एडमिट किया लेकिन ऑक्सीजन ना मिलने से हालत बिगड़ गई थी जिससे दोनों नहीें बच सके। हेमंत बात करते हुए रुंआसे हो जाते हैं, थोड़ा संभलकर कहते हैं कि सरकार अब कुछ भी कहे लेकिन मेरे माता-पिता तो चले गए। हालांकि अगर उन्हें ऑक्सीजन मिल जाती तो शायद वो बच जाते। ऑक्सीजन न मिलना उनकी मौत का कारण बना।

हेमंत उन लोगों में शामिल हैं, जिनके परिजन की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई थी। कोरोना की दूसरी लहर में राजधानी में ऐसे कई मामले देखने को मिले, लेकिन सरकार का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई।

बेड नहीं मिला, पापा ने एम्स के बाहर तोड़ा दम
पूजा बताती हैं पापा राजेन्द्र विश्वकर्मा पीजीबीएम अस्पताल में एडमिट थे, अचानक दूसरे मरीज के परिजन ने बताया कि ऑक्सीजन खत्म हो गई। हम दौड़कर आइसीयू पहुंचे तो देखा कि धीरे धीरे सप्लाई कम हो रही है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने जैसे-तैसे ऑक्सीजन की व्यवस्था कर ली। इसके बाद अगले दिन पापा को डिस्चार्ज कर दिया। हम सिलेंडर से ऑक्सीजन देकर भटक रहे थे लेकिन कहीं बेड नहीं मिला। आखिर एम्स के बाहर ही पापा ने दम तोड़ दिया।

सिटी- पीपुल्स में हुई थी 15 मरीजों की मौत
राजधानी में ऑक्सीजन की कमी से 17 लोगों की मौत हुई। 19 अप्रेल को पीपुल्स अस्पताल में अचानक ऑक्सीजन सप्लाई ठप हो गई। आइसीयू में भर्ती मरीजों में से 10 मरीजों की मौत हो गई। इससे पहले सिटी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से पांच मरीजों की मौत हुई। 22 अप्रेल को जेपी अस्पताल में आधी रात ऑक्सीजन नहीं मिलने पर दो मरीजों ने दम तोड़ दिया था। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने मौत कारण ऑक्सीजन की कमी को नहीं माना।

Sumeet Pandey Desk
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