
sex racket
भोपाल. राजधानी क्राइम ब्रांच ने हाई-प्रोफाइल हनीट्र्रैप की तर्ज पर सैक्स रैकेट की आड़ में हाई-प्रोफाइल और उम्रदराज रईसों के साथ वसूली और ब्लेकमैलिंग करने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है, जिसमें तीन पुलिसकर्मी शामिल थे। गिरोह की सरगना दो महिलाएं ग्राहकों के अंतरंग पलों के अश्लील वीडियो (एमएमएस) बनातीं। फिर बड़े स्तर पर ब्लैकमेल का खेल शुरू होता। सरगना महिलाएं वीडियो वायरल करने और बलात्कार का प्रकरण दर्ज कराने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठती, ब्लैकमेल करने का काम तीनों पुलिसकर्मी करते थे। गिरोह में सरगना समेत 9 कॉलगर्ल और 11 युवक पकड़ाए हैं। पकड़े गए युवकों में कुछ कॉलगर्ल के पति और कुछ ग्राहक हैं। पुलिस गुरुवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पीआर पर लेकर बड़े स्तर पर खुलासा करने का दावा कर रही है।
एसपी नार्थ शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि सूचना मिल रही थी कि दानिश कुंज कोलार में सैक्स रैकेट चल रहा है। इस बीच एक पीडि़त ने क्राइम ब्रांच पहुंचकर वीडियो बना कर ब्लैकमेल करने की शिकायत की। तफ्तीश के लिए क्राइम ब्रांच की टीम लगाई गई। तफ्तीश में सामने आया कि देह-व्यापार की आड़ में ब्लैकमेल और बड़े स्तर पर वसूली का खेल चल रहा था। इसके बाद मंगलवार रात दानिशकुंज कोलार स्थित डीके-5 गिरधर परिसर में दबिश दी गई। फिलहाल पुलिस ने पकड़ी गई गिरोह की सरगना महिलाओं के खिलाफ सीटा-पीटा एक्ट और बयानों के आाधर पर ब्लैकमेल करने की धाराओं के तहत प्ररकण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बाणगंगा निवासी डिंपी ठाकुर, माता मंदिर निवासी नंदिनी सोलंकी और नीतू ठाकुर सरगना हैं। मुख्य भूमिका डिंपी ठाकुर की है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि इसमें और महिलाए व पुलिसकर्मियों के नाम सामने आ सकते हैं। इनमें से एक महिला ने शाहजहांनाबाद थाने में एक फादर बलात्कार का प्रकरण दर्ज कराया था।
पकड़े गए युवकों के नाम
पु लिस ने पकड़े गई महिलाओं के आरोपी पति जो सैक्स रैकेट गिरोह में संलिप्त रहे उनके नाम पॉलीटेक्नि चौराहे समीप एमएलबी कॉलेज के पीछे रहने वाले निशांत माहुले (29), दानिश कुंज कोलार निवासी अर्जुन पटेल (22), जिला सिवनी निवासी शशांक अग्रवाल (28), वाणगंगा निवासी मोहम्मद नावेद (27) महावीर पुरा बरखेड़ी निवासी मकबूल खान (29) बताए हैं, जबकि ग्राहकों में गोपालपुर घोंडा डोंगरी निवासी रोहित वर्मा (24), ए-सेक्टर शाहपुरा निवासी सुब्रत विश्वास (24), ए-14 दानिशकुंज कोलार निवासी विकल्प दीक्षित (24), स्वतंत्र नगर फेस-2 नरेला शंकरी निवासी फिरोज अहदम (34), रोहित नगर निवासी दीपक शर्मा (24), रोहित नगर फेस-1 निवासी कल्लन सिंह (26) बताए हैं।
ऐसे करते थे ब्लैकमेल
मुंबई, नागपुर और गोवा से कॉलगर्ल बुलाई जाती थीं। ये लोग हाई-प्रोफाइल ग्राहक का एमएमएस बना लेती थीं। इसके बाद ब्लैकमेलिक का खेल शुरू होता था। यदि बात नहीं बनती तो पुलिसकर्मी मुकदमा दर्ज करने की धमकी देकर वसूली करते थे। जिन पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आई है, उनमें कमला नगर थाने में पदस्थ आरक्षक लाड सिंह, आरक्षक सुभाष गुर्जर और सुनील जाट हैं। सुभाष और सुनील क्राइम ब्रांच में पदस्थ थे। पिछले महीने भदभदा डैम पिस्टल लहराकर कार सवार युवतियों के साथ अभद्र व्यवहार करने पर दोनों को लाइन अटैच कर दिया था।
ब्लैकमेल गैंग में थाना प्रभारी के साथ तीन अन्य पुलिसकर्मी शामिल
भोपाल. सेक्स रैकेट की आड़ में ब्लैकमेल करने वाली गैंग में अयोध्या नगर थाने के पूर्व टीआई हरीश यादव की संलिप्तता सामने आई है। पकड़ी गई कॉलगर्ल की पूछताछ में खुलासा हुआ कि अयोध्या नगर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी हरीश यादव की मदद से ग्राहकों से डील होती थी। अब तक की पूछताछ में पांच डील कराने की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस अब उन पीडि़तों की तलाश कर रही है, जिनकी टीआई के जरिए डील हुई है। इसके अलावा दो अन्य थानों के तीन पुलिसकर्मी भी गिरोह में शामिल होने की जांच भी शुरू हो गई है। हालांकि विभाग की बदनामी के डर से पुलिस अभी इनके नामों पर पर्दा डाल रही है। मालूम हो कि मंगलवार को निशातपुरा पुलिस ने दो कालगर्ल के साथ निगरानी बदमाश रूपनारायण गिरी, दीपांकर मण्डल को गिरफ्तार किया था। गैंग देह व्यापार की आड़ में ग्राहकों के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था। पीडि़त व्यापारी का कहना है कि दीपांकर शातिर है। कालगर्ल द्वारा थाने में दुष्कर्म की शिकायत करने के बाद वह थाने में ही मंडराता रहता था। इसके बाद पुलिस से फोन कराता था। थाने पहुंचने पर वह खुद को टीआई का भाई बताकर मामले को रफा-दफा कराने का भरोसा देता था। इसके बाद टीआई से मिलकर डील कराता था।
Published on:
26 Sept 2019 03:03 am
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