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मोबाइल कैमरे से फोटो खींचकर अपराधी की पहचान करेंगे 38 थानों के 350 पुलिसकर्मी अधिकारी

शहर में संदिग्ध अवस्था में घूमने वाले अपराधी एवं दूसरे शहर में अपराध कर राजधानी में फरारी काटने के इरादे से रह रहे आपराधिक तत्वों की पहचान पुलिस अब अपने मोबाइल कैमरे की मदद से कर सकेगी। क्राइम ब्रांच भोपाल ने पुलिस मुख्यालय की सहायता से फेस फॉरेंसिक एंड्रॉयड एप्लीकेशन सुविधा शहर में लागू कर दी है। फेस फॉरेंसिक एंड्राइड एप्लीकेशन केवल चुनिंदा पुलिस कर्मचारियों एवं अधिकारियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराई गई है।

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Police took gangster soldier to Jodhpur again, got the warehouse done

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शहर के एंट्री पॉइंट पर तैनाती
शहर के अंदर आपराधिक तत्वों का प्रवेश प्रतिबंधित करने के लिए पुलिस ने सादी वर्दी में फेस फॉरेंसिक एप्लीकेशन सुविधा के जरिए प्रवेश मार्ग एवं टोल टैक्स नाकों पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मी सक्रिय किए हैं। संदिग्ध व्यक्ति नजर आने पर मौके पर पहचान करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इस एप्लीकेशन पर मध्य प्रदेश एवं अन्य राज्यों में अपराध में लिप्त सवा छह लाख अपराधियों का फोटो सहित बायोडाटा अपलोड किया गया है। रात के अंधेरे या फिर भीड़भाड़ वाले इलाके में संदिग्ध अवस्था में किसी व्यक्ति के मिलने पर संदेह होने पर पुलिस उसका फोटो आसानी से अपने मोबाइल कैमरे से लेकर इस एप्लीकेशन के जरिए स्कैन कर सकेगी। इस प्रकार मौके पर खड़े पुलिसकर्मी या अधिकारी को चंद सेकेंड के अंदर ही सामने खड़े संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने में आसानी होगी।

38 थानों में दिया एक्सेस
फेस फॉरेंसिक एप्लीकेशन सेवा की मॉनिटरिंग क्राइम ब्रांच कर रही है। क्राइम ब्रांच ने शहर के 38 स्थानों के चुनिंदा अधिकारी एवं कर्मचारियों को पहले चरण में एप्लीकेशन का एक्सप्रेस उपलब्ध कराया है। 1 महीने की समीक्षा के बाद बाकी पुलिसकर्मियों को भी इस एप्लीकेशन का एक्सेस दिया जाएगा। इस एप्लीकेशन पर मध्य प्रदेश एवं अन्य राज्यों में अपराध में लिप्त सवा छह लाख अपराधियों का फोटो सहित बायोडाटा अपलोड किया गया है। रात के अंधेरे या फिर भीड़भाड़ वाले इलाके में संदिग्ध अवस्था में किसी व्यक्ति के मिलने पर संदेह होने पर पुलिस उसका फोटो आसानी से अपने मोबाइल कैमरे से लेकर इस एप्लीकेशन के जरिए स्कैन कर सकेगी। इस प्रकार मौके पर खड़े पुलिसकर्मी या अधिकारी को चंद सेकेंड के अंदर ही सामने खड़े संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने में आसानी होगी।

इस एप्लीकेशन की मदद से मौके पर ही संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हो जाएगी। अनेक प्रकार के अपराध एवं अपराधियों की रोकथाम में इससे मदद मिलेगी।
अमित सिंह, डीसीपी क्राइम ब्रांच