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क्रिसिल रिपोर्ट: किसानों को करोड़पति बना देगी यह फसल, 15 लाख हेक्टेयर में बोवनी, जानें कैसे उठाएं लाभ

क्रेडिट रेटिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ इंडिया लिमिटेड यानि क्रिसिल (CRISIL) की रिपोर्ट

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भोपाल. देश—दुनिया पर यूक्रेन क्राइसिस का व्यापक दुष्प्रभाव पड़ रहा है पर मध्यप्रदेश के किसानों के लिए यह कमाई का मौका भी साबित हो रहा है। क्रेडिट रेटिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ इंडिया लिमिटेड यानि क्रिसिल (CRISIL) की रिपोर्ट की मानें तो रूस— यूक्रेन विवाद के कारण भारत से गेहूं और मक्का का निर्यात और बढ़ सकता है। क्रिसिल की रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा विवाद (Ukraine Crisis) भारत के लिए गेहूं और मक्का का निर्यात बढ़ाने के लिए सबसे बड़ा मौका है। खास बात यह है कि ये दोनों ही मध्यप्रदेश की मुख्य फसलें हैं। निर्यात होने से किसानों को इस बार गेहूं का अच्छा दाम मिल रहा है और अब मक्का उत्पादक और व्यापारी भी उम्मीद से भर उठे हैं।

रिपोर्ट में हालांकि इंडिया के एग्री-ट्रेड पर यूक्रेन क्राइसिस का मिलाजुला असर पड़ने की बात भी कही गई है लेकिन एमपी के किसानों के लिए यह संकट वाकई बडा अवसर लेकर आया है। गौरतलब है कि क्रिसिल एक प्रतिष्ठित रेटिंग व अनुसंधान कंपनी है। मुंबई स्थित यह कंपनी जोखिम और नीति संबंधी सलाह भी देती है।

क्रिसिल रिसर्च (Crisis Report) ने कमोडिटीज की सप्लाई पर यह रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में बताया गया है कि रूस और यूक्रेन गेहूं, सनफ्लावर ऑयल और मक्का के बड़े सप्लायर हैं. इसलिए रूस यूक्रेन के ताजा हालात में भारत के लिए गेहूं और मक्का का निर्यात बढ़ाने का मौका है. मध्यप्रदेश से गेहूं तो बडी मात्रा में निर्यात किया ही जा रहा है अब मक्का के किसान भी इसके लिए प्रयास कर सकते हैं।

मध्यप्रदेश में 15.150 लाख हेक्टेयर में मक्के की बोनी- गेहूं के साथ मध्यप्रदेश मक्का का भी प्रमुख उत्पादक है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मध्यप्रदेश में पिछले वर्ष करीब 15.150 लाख हेक्टेयर में मक्के की बोनी हुई थी। यहां पिछले पांच वर्ष का मक्का औसत रकबा 12.63 लाख हेक्टेयर है। सरकार ने खरीफ फसल वर्ष 2021-22 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1870 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया था। हालांकि प्रदेश के किसानों को लागत मूल्य के बराबर भी कीमत नहीं मिल पाई थी जिससे उपज का खास हिस्सा किसानों ने बेचा ही नहीं था। अब इस मक्का को अच्छे दामों पर बेचकर लाभ उठाया जा सकता है।